जोधपुर. सभी तरह की संपत्तियों, सिद्धियों व निधियों की अधिष्ठात्री एवं धन-धान्य तथा ऐश्वर्य की प्रतीक विष्णुप्रिया महालक्ष्मी के स्वागत के लिए जोधपुर सहित समूचे मारवाड़वासियों ने तैयारियां शुरू कर दी है। दरिद्रता, मलिनता, अज्ञानता, निराशा और अंधकार को मिटाकर समृद्धि का उजियारा करने वाले महापर्व को इस बार चार ग्रहों का दुर्लभ संयोग सभी के जीवन में समृद्धि लाएगा। इस बार दीपावली पर महालक्ष्मी का आगमन 4 नवंबर को होगा। इस दिन लक्ष्मी-गणेश पूजन पर चार ग्रहों का विशेष संयोग बन रहा है। इस योग में एक ही राशि में चार ग्रह गोचर कर रहें होंगे। इसी दिन सूर्य, बुध, मंगल और चंद्रमा तुला राशि में गोचर करेंगे। चार ग्रहों की इस युति से दीपावली के दिन शुभ योग बन रहा है।इस शुभ योग में दीपावली का त्योहार बहुत शुभ रहेगा। सभी पर देवी लक्ष्मी की कृपा रहेगी।
सभी राशियों के लोगों के लिए रहेगी शुभ
हिंदू धर्म में दीपावली का त्योहार हर साल खास होता है, लेकिन ज्योतिष की नजर से भी यह दीपावली खास होने वाली है। इस साल दीपावली का त्योहार 4 नवंबर को गुरुवार के दिन मनाया जाएगा। इस दिन चार ग्रह एक ही राशि में रहेंगे। इस वजह से शुभ योग बन रहा है, जो कई सभी राशियों के लोगों को फायदा पहुंचाएगा। दीपावली के त्योहार पर धन की देवी और गणपति बप्पा की पूजा की जाती है। इस शुभ योग में मां लक्ष्मी की पूजा करने से देवी बहुत प्रसन्न होंगी और अपने भक्तों पर दिल खलकर कृपा बरसाएंगी।
दीपावली पर चार ग्रहों की युति
ज्योतिषियों के अनुसार इस बार चार नवंबर को दिवाली बेहद शुभ संयोग में मनाई जाएगी। इस बार दिवाली पर चार प्रमुख ग्रहों की युति हो रही है जिसमें इस दिन सूर्य, बुध, मंगल और चंद्रमा तुला राशि में मौजूद रहेंगे। तुला राशि में सूर्य मौजूद रहेगा, जो 17 अक्टूबर 2021 को दोपहर 1 बजे प्रवेश करेगा और 16 नवंबर 2021 को दोपहर 12.49 मिनट तक रहेगा। सूर्य ग्रहों का राजा है। इसके कारण ये हर किसी के लिए शुभता लेकर आएगा। तुला राशि में बुध ग्रह भी रहेगा। यह 2 नवंबर 2021 की सुबह 9.53 मिनट पर तुला राशि में गोचर करेंगे। मार्गी अवस्था में गोचर करते हुए ये 21 नवंबर की सुबह 04.48 मिनट पर वृश्चिक राशि में प्रवेश कर जाएंगे। बुध ग्रहों के राजकुमार हैं, जिसके कारण धन लाभ और बिजनेस में बढ़ोतरी होगी। तुला राशि में मंगल ग्रह भी प्रवेश कर रहा है। ज्योतिष अनीष व्यास के अनुसार यह ग्रह तुला राशि में 22 अक्टूबर 2021 को सुबह 1.13 मिनट बजे से 5 दिसंबर 2021 तक सुबह 5.01 मिनट तक रहेगा। मंगल ग्रहों का सेनापति है। तुला राशि में चंद्रमा भी प्रवेश कर रहा है। चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है। वहीं सूर्य को पिता और चंद्रमा को माता का कारक माना जाता है।
अमावस्या तिथि अमावस्या तिथि
प्रारंभ: 4 नवंबर को सुबह 6.03 मिनट से
अमावस्या तिथि का समापन : 5 नवंबर की सुबह 2.44 मिनट पर समाप्त
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