जोधपुर। एक तरफ हस्तशिल्प निर्यातक खाली कंटेनर नहीं मिल पाने के कारण फैक्ट्रियों में पड़ा लगभग एक हजार कंटेनर माल नहीं भिजवा पा रहे हैं और दूसरी तरफ मुंद्रा पोर्ट से आई खाली कंटेनर्स की दो ट्रेनें लूणी स्टेशन पर पिछले दो-तीन दिन से अटकी पड़ी है। रेलवे इन्हें जोधपुर के भगत की कोठी रेलवे स्टेशन तक आने की हरी झंडी नहीं दे रहा। सालावास व अन्य स्टेशनों पर भी करीब ६०० खाली कंटेनरों की ट्रेनें रुकी हुई है।
कंटेनर्स की कमी से जूझ रहे निर्यातकों की समस्या के म²ेनजर केंद्र सरकार विदेशों से आ रहे खाली कंटेनर अलग अलग राज्यों में भेज रहा है। मुंद्रा पोर्ट से भी बड़ी संख्या में कंटेनर जोधपुर व अन्य इलाकों में ट्रेनों से भेजे गए हैं। जोधपुर के राजसीको व थार ड्राइ पोर्ट इनलैण्ड कंटेनर डिपो (आईसीडी) तक ये कंटेनर नहीं पहुंच पा रहे।
क्रिसमस पर जाना है तैयार माल
निर्यातकों के पास विदेशों से आए क्रिसमस ऑडर्स भेजने के लिए खाली कंटेनर्स नहीं है। ऐसे में एक हजार से अधिक कंटेनरों के तैयार हैण्डीक्राफ्ट उत्पाद निर्यात नहीं हो पा रहे। अगले 1५ दिनों में यह माल रवाना न हुआ तो क्रिसमस तक पहुंच नहीं पाएगा। इससे ऑर्डर निरस्त हुए तो जोधपुर के निर्यातकों को करीब 200 करोड़ का नुकसान झेलना पड सकता है ।
इनका कहना है...
रेलवे खाली कंटेनरों की समस्या समाधान का प्रयास कर रहा है। जोधपुर मंडल सालावास व हनवंत स्टेशन के बीच कंटेनर ऑपरेशन की संभावना तलाश रहा है। उपयुक्तता पाई गई तो वहां कंटेनर्स ऑपरेशन शुरू करवाया जाएगा।
ललित बोहरा, मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (माल भाड़ा)
उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर
खाली कंटेनरों की कमी से निर्यातक परेशान है। अब रेलवे खाली कंटेनरों की ट्रेन उपलब्ध कराने में देरी कर रहा है। इससे निर्यातकों को बड़े नुकसान का अंदेशा है।
डॉ भरत दिनेश, अध्यक्ष
जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
रेलवे ने खाली कंटेनरों की ट्रेनें लूणी व अन्य स्टेशनों पर रोक रखी है। इससे यहां खाली कंटेनर नहीं मिल रहे है।
नवनीत बोहरा, मैनेजर
ट्रांसपोर्ट ऑपरेशन मैनेजर
राजसिको
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