जोधपुर।
यदि कोई कर्मचारी जीपीएफ में लोन नही लेता है उसके बाद भी जीपीएफ जोधपुर ग्रामीण सेवानिवृति के समय जीपीएफ में जमा राशि का भुगतान करते समय अन्तिम भुगतान में से एक लाख रुपए ब्याज सहित कटौती करके भुगतान करता है, तो उस कर्मचारी की स्थिति कैसी होती है? हाल ही में ऐसा एक मामला आया है व कर्मचारी अपनी यह राशि लेने के लिए जीपीएफ ऑफि स के चक्कर काट रहा है।
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यह है मामला
मामले के अनुसार जलदाय विभाग बिलाड़ा से फ ीटर पद से 31 दिसम्बर 2019 को सेवानिवृत तेजाराम को सेवानिवृति पर जीपीएफ खाता संख्या 736099 में एक लाख रुपए का ऋ ण काटकर भुगतान किया, जो यह ऋ ण उन्होंने कभी लिया ही नहीं था। तेजाराम ने इस संबंध में जीपीएफ कार्यलय के कई चक्कर लगाए परन्तु कोई कार्यवाही नहीं होने पर उन्होंने गत 16 जुलाई को संयुक्त निदेशक जीपीएफ जोधपुर ग्रामीण कार्यालय में लिखित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। जिसमें उन्होंने सहायक अभियन्ता जन स्वास्थ्य अभियात्रिकी विभाग बिलाड़ा का पत्र व अपने बैंक पासबुक की प्रति प्रस्तुत की, जिसके अनुसार एक लाख रुपए उनके बैंक खाते में जमा नहीं है। तेजाराम पिछले कई माह से इस विभाग के अधिकारियों से कई बार मिला परन्तु कर्मचारी को आज तक इस राशि का ब्याज सहित भुगतान नहीं हुआ।
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मेरे लोन लिए बिना ही जीपीएफ राशि में से एक लाख रुपए काट लिए, जो राशि अभी तक मुझे नहीं मिली है। विभाग के चक्कर काट रहा हूं।
तेजाराम डूडी, पीडि़त
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संबंधित जीपीएफ खाताधारक के अकाउंट में जहां तकनीकी त्रुटि हुई है, तो उसको जांच कराकर, संशोधन कराकर उनकी राशि भुगतान कराई जाएगी।
ओमाराम चौधरी, सहायक निदेशक
राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग
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