जोधपुर।
शिपिंग किराए में हुई असमान्य बढोतरी ने जोधपुर सहित देश के हैण्डीक्राफ्ट निर्यात कारोबार को पूरी तरह से हिला दिया है । हैण्डीक्राफ्ट सामान को विदेशों में कंटेनरों से भेजा जाता है, लेकिन देश में कंटेनर नहीं बनने से यहां के निर्यातक अन्य देशों के आयातित कंटेनरों से अपने माल भेजते है। चीन से आयात घटाने से कंटेनरों की भारी कमी हुई है। नतीजतन, शिपिंग कम्पनियों ने शिपिंग किराए में असामन्य बढ़ोतरी कर दी है। विदेशी ग्राहकों ने आपने ऑडर्स होल्ड पर रखवाना शुरू कर दिए है । भारतीय पोर्ट से विदेशी पोर्ट तक का किराया बायर्स ही वहन करता है। परन्तु पिछले 6 माह की अवधि में यह किराया करीब 4 गुना तक बढ गया है । वहीं, सरकार की ओर से इस पर किसी प्रकार का नियंत्रण नहीं है। निर्यातकों को 25-30 हजार अधिक खर्च करने के बावजूद भी कंटेनर नहीं मिल रहे है।
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देश में कंटेनर बनाने वाली एक भी कम्पनी नहीं
देश में एक भी कम्पनी कन्टेनर नहीं बनाती है, और न ही कोई शिपिंग कम्पनी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर रही है। भारत से भी डायरेक्ट वेसल (कंटेनर ले जाने वाला जहाज) नहीं मिलते है । शिपिंग कम्पनियां यहां से चीन, गल्फ व यूरोप के माध्यम से अन्य देशों में कन्टेनरों को भेजा करती है ।
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500 से अधिक कंटेनर होल्ड पर
शिपिंग चार्जेज बढने के कारण भारत से भेजे गए कई हैण्डीक्राफ्ट के कंटेनर शिपमेंन्ट भी विदेशी पोर्ट पर अटके पडे है । अमरीका के टेक्सास, न्यूयॉर्क आदि शहरों के कुछ बायर्स ने अपने ऑर्डर होल्ड करवा दिए है। वर्तमान में जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों के करीब 500 से अधिक कन्टेनर्स का तैयार माल होल्ड पर है।
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1 हजार करोड़ के नुकसान की आशंका
कुछ निर्यातकों ने मेन्यूफैक्चरिंग प्रोडक्शन रोक दिया है । इससे कारीगरों-मजदूरों की बेरोजगारी बढऩे की सम्भावनाएं है । हालात जल्द ठीक नहीं हुए तो आने वाल कुछ दिनों में जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट उद्योग को करीब 1 हजार करोड़ रुपयों के नुकसान की आशंका है। जोधपुर से निर्यात होने वाले आइटम से करीब 60 फ ीसदी तक कार्य क्रिसमस से पहले ही होता है। अमरीका सहित सभी पश्चिमी देशों के शोरूम में माल अक्टूबर तक सजने लगता है। अगर आर्डर समय से नहीं पहुंचते हैं तो निर्यातकों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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शिपिंग चार्ज में बढोतरी व कंटेनरों की कमी के कारण जोधपुर का हैण्डीक्राफ्ट निर्यात उद्योग प्रभावित होने लग गया है । वर्तमान हालात को देखते हुए सरकार से शिपिंग कम्पनियों के किराए में हुई बढोतरी पर लगाम लगाने व बैंक लिमिट बढ़ाने की मांग की है।
डॉ भरत दिनेश, अध्यक्ष
जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
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कंटेनर नहीं मिलने व शिपिंग किराया बढऩे से हैण्डीक्राफ्ट निर्यात उद्योग संकट के दौर में है। सरकार से निर्यात उद्योग से जुड़ी इन समस्याओं के समाधान के लिए मांग कर रहे है।
हंसराज बाहेती, सीओए मेम्बर
एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फोर हैण्डीक्राफ्ट्स
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