फलोदी (जोधपुर). आजादी से पहले फलोदी का नमक देश में सरताज था और यहां के नमक उत्पादक प्रदेश के बड़े भामाशाह थे, लेकिन आजादी के बाद जिला मुख्यालय से दूरी व आधुनिक सुविधाओं में पिछडऩे के कारण फलोदी का नमक व्यवसाय अब दम तोडऩे लगा है।
हालात यह है कि देश के सबसे किफायती नमक की श्रेणी में आने वाला फलोदी का नमक मूलभूत सुविधाओं के अभाव में वर्तमान प्रतिस्पद्र्धा में नहीं टिक पा रहा। गुणवत्ता में सिरमोर होने के बावजूद यहां का नमक व्यवसाय अंतिम श्वास ले रहा है। जानकारों की माने तो फलोदी में बाप व मलार रिण नमक उत्पादन में आगे हंै, लेकिन अन्य जिलों की अपेक्षा यहां उत्पादन की लागत अधिक होने से प्रतिस्पद्र्धा में मुकाबला नहीं कर पा रहे हंै।
फलोदी में खाटियों से नमक बनाया जाता है, जबकि बाकी स्थानों पर खारे पानी की झील व समुद्र के पानी से नमक बनाया जाता है। यहां के नमक उत्पादन में किसी प्रकार की अशुद्धता नहीं होने से फलोदी का नमक शुद्धता के मामले में अब भी आगे है, लेकिन डीजल व पेट्रोल के भावों में बढ़ोतरी होने से मालवाहक वाहनों का किराया भी बढ़ गया है, जिस कारण बाहर के राज्यों में सस्ती दरों में नमक आपूर्ति करना यहां के व्यवसायियों के लिए मुश्किल भरा साबित हो रहा है।
जिला मुख्यालय से दूरी बनी बैरन
जानकारों की माने तो फलोदी रिण नमक उत्पादकों के लिए जिला मुख्यालय से दूरी बैरन बन गई है। सरकार ने प्रत्येक जिले में औद्योगिक विकास के लिए विभिन्न योजनाएं बनाई है, लेकिन जिला मुख्यालय से फलोदी की डेढ़ सौ किलोमीटर की दूरी पर होने से आला अधिकारी फलोदी नहीं पहुंच पाते, यही कारण है कि यहां की समस्याओं पर गौर नहीं हो पा रहा।
फैक्ट फाइल
- 150 से अधिक नमक उत्पादन इकाइयां स्थापित है फलोदी व बाप रिण नमक उत्पादन क्षेत्र में।
- 50 वर्गकिलोमीटर से अधिक भू-भाग पर फलोदी में स्थापित है नमक की क्यारियां।
- 5 हजार से अधिक श्रमिकों को रोजगार दे रहा फलोदी का नमक उत्पादन क्षेत्र।
- 4 नमक रिफायनरी स्थापित है फलोदी रिण क्षेत्र में।
- 150 किलोमीटर जिला मुख्यालय से दूरी के कारण जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान।
- 8 लाख टन नमक उत्पादन की क्षमता है फलोदी के नमक क्षेत्र मे।ं
- 20 वर्गकिलोमीटर के रिण क्षेत्र में चिकित्सकीय व आपातकालीन सुविधा नहीं विकसित कर पाए जिम्मेदार।
इन समस्याओं का हो समाधान
फलोदी के नमक को विश्वभर में पहचान मिले और यहां के नमक व्यापारी देश की उन्नति में अपना बेहतर योगदान दें, इसके लिए फलोदी को जिला बनाने की दरकार है। जिम्मेदारों को रिण क्षेत्र में नमक उत्पादन बढ़ाने के लिए पचास नए नलकू प खुदवाने, चिकित्सा सुविधा के लिए अस्पताल बनवाने, विद्युत कनेक्शनों के लिए विद्युत पोल की डिमाण्ड राशि व विद्युत पोल की प्रतिमीटर की दर को कम करने, रेलवे के माल वाहक रैक लगाने के लिए तीस फीसदी तक रियायत देने, चोरी न हो इसके लिए पुलिस चौकी स्थापित करने, श्रमिकों के आवागमन के लिए परिवहन की सुविधा विकसित करने के साथ बाजार की प्रतिस्पद्र्धा में टिकने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण की जरुरत है।
- मधु जोशी, मंत्री रिण नमक उत्पादक संगठन फलोदी
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