जोधपुर. तप एवं क्षमा के परिचायक जैन धर्म के आठ दिवसीय पर्व पर्युषण की आराधना में शनिवार को सभी जैन धार्मिक स्थलों में अध्यात्म की खुशबू बही। पावटा स्थित नीलकमल भवन में पर्युषण पर्व के प्रथम दिन साध्वी कुसुमप्रज्ञा व साध्वी हंसप्रज्ञा ने आठ दिनों में तप, जप, ध्यान व स्वाध्याय का महत्व बताया। वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ की ओर से नेहरू पार्क स्थित महावीर भवन में उपाध्याय रविंद्र मुनि ने पर्युषण शब्द की व्याख्या की। उपाध्याय रमेश मुनि ने निमाज की हवेली महावीर भवन में ज्ञान चर्चा प्रश्न उत्तर एवं प्रतियोगिता में भाग लेकर ज्ञान वृद्धि के लिए प्रेरित किया। नागौरीगेट मुहताजी मंदिर में मुनि जयरत्न पर्युषण आराधना के दूसरे दिन श्रावक के 11 कर्तव्य का विवेचन किया। मंदिर ट्रस्ट के सचिव पवन मेहता ने बताया कि मंदिर में आकर्षक आंगी व ऋतुपुष्पों की सजावट की गई। साधुमार्गी जैन परम्परा के राष्ट्रीय सन्त आचार्य रामेश के आज्ञानुवत्र्ती सन्त साध्वियों के जोधपुर में तीन अलग अलग से चातुर्मास स्थलों पर पर्युषण आराधना का शुभारंभ किया गया। जोधपुर में सुबाहुमुनि का चातुर्मास साई धाम के पास, पाल रोड स्थित रूपनगर द्वितीय, लघुताश्री मसा का चातुर्मास जैन स्थानक, गोल्फ कोर्स एवं कमला नेहरू नगर, आचार्य नानेश मार्ग स्थित समता भवन में साध्वी पूर्वीश्री के चातुर्मास कार्यक्रम में शनिवार से पर्युषण आराधना शुरू की गई।
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