जोधपुर।
परकोटा के बीच से गुजरती एक सडक़। लाखों की जनसंख्या और कई क्षेत्रीय पार्षद का क्षेत्र। सरकारी विभागों का भी क्षेत्राधिकार का झगड़ा और सालों से बिगड़ी स्थिति। यह सफर करीब 10-15 मिनट में तय हो जाता है लेकिन जो मुश्किलें आती हैं वह वाहन चलाने वाला भी जानता है।
कुछ ऐसा है सफर
-मेड़ती गेट से जैसे ही सफर शुरू किया, भारी यातायात दबाव तो है ही साथ ही यहां से हाथीराम का ओडा मोड़ तक करीब 20-25 स्थानों पर टूटी सडक़ से दो-चार होना पड़ेगा। अगर इन सब को सहन कर भी लिया तो साइकिल मार्केट से पन्ना निवास मोड़ खतरा है, टूटी सडक़ है। वह आपको खतरे में डाल सकता है।
-दो कोटो के बीच से होकर गुलाब सागर तक अगर दुपहिया वाहन में आए तो आपके हाथ में रखे दही की लस्सी बन सकती है। सीवरेज लाइन के लिए खोदी सडक़ तक फिर से पैच नहीं हुई। गुलाब सागर से आगे उम्मेद चौक और बड़ला चौक तक की सडक़ पूरी तरह से उधड़ी पड़ी है। कुछ मीटर भी आप सपाट गाड़ी नहीं चला सकेंगे। यहां से आगे अजय चौक, विजय चौक और फिर नागौरी गेट की सडक़ भी सुकून नहीं देगी।
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सालों से यही हाल
ऐसा नहीं है कि अभी मानसून सीजन में इस सडक़ की दुर्दशा हुई है। दरअसल यह पूरी सडक़ सार्वजनिक निर्माण विभाग के पास है, लेकिन वह इसकी सुध लेने कभी नहीं आया। नगर निगम ने अपनी सीवरेज लाइन डालने के बाद पैच करना भी उचित नहीं समझा और परेशानी जनता की बढ़ा दी।
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