जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट की सतत निगरानी से जोधपुर एयरपोर्ट नागरिक विमानन सेवाओं की बेहतरी की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। संवेदक को समयबद्ध कार्य करने के लिए पाबंद करने का नतीजा यह हुआ कि लिंक टैक्सी और तीन 3 पार्किंग बे निर्मित हो चुके हैं। नए टर्मिनल भवन के निर्माण के लिए प्लानिंग पर काम शुरू हो चुका है, लेकिन कुछ अड़चनों को अब भी दूर करने की दरकार है।
वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा तथा न्यायाधीश विनित कुमार माथुर की खंडपीठ याचिकाकर्ता लिब्रा इंडिया की ओर से दायर जनहित याचिका पर पिछले कई सालों से सुनवाई कर रही है, जिनके हस्तक्षेप से न केवल नगर निगम, वायु सेना, एयरपोर्ट और निजी खातेदारी के बीच चल रहा भूमि का विवाद सुलझा बल्कि निर्माण कार्य में देरी का काम भी पटरी पर आया। एयरपोर्ट पर सुबह और शाम की विमान सेवाओं की संभावनाओं को लेकर भी सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। कोविड संक्रमण के चलते पिछले डेढ़ साल से याचिका पर सुनवाई नहीं हो पाई थी, लेकिन अब एक बार फिर कोर्ट ने आवश्यक दिशा निर्देश देने के लिए नवीनतम स्टेटस रिपोर्ट मांगी है, जो एयरपोर्ट अथॉरिटी ने पेश कर दी है। स्टेटस रिपोर्ट में उन जरूरतों को भी इंगित किया गया है, जिसके बिना एयरपोर्ट का प्रभावी संचालन प्रभावित हो रहा है।
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विकास की उम्मीदें अभी और बाकी हैं...
01. लिंक टैक्सी और तीन 3 पार्किंग बे निर्मित
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अनुसार जोधपुर एयरपोर्ट पर नए एप्रन और लिंक टैक्सी का कार्य मैसर्स पीआरएल प्रोजेक्ट एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने पूरा कर लिया है। एयरक्राफ्ट की पार्किंग के लिए 3 पार्किंग बे निर्मित हो चुके हैं और चौथे का कार्य पूर्ण होने की कगार पर है। नए टर्मिनल भवन के लिए भारतीय वायु सेना ने हाल ही 29 जुलाई को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया है, जिसके बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ने नए टर्मिनल भवन की डिजाइन और प्लानिंग के लिए प्रस्ताव योजना निदेशालय को भिजवा दिया है।
02. फ्लड लाइट टावर्स की अनापत्ति का इंतजार
नए एप्रन का सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य तो हो चुका हैं, लेकिन हाई मास्ट फ्लड लाइट टावर्स की अनापत्ति अब तक नहीं मिल पाई है। वायु सेना ने 21 जुलाई को केवल 3 मीटर ऊंचाई तक मास्ट फ्लड लाइट लगाने की अनापत्ति दी थी, लेकिन इतनी कम ऊंचाई पर हाई मास्ट लाइट फ्लाइट पायलट के सामने चमक पैदा कर सकती है। इसे देखते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी ने नए सिरे से 20 मीटर की ऊंचाई के हाई मास्ट टावर लगाने की अनापत्ति मांगी है। हालांकि अभी तक इसे लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है।
03. सुरक्षा कार्मिकों के लिए गृह मंत्रालय की हरी झंडी की दरकार
एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए सीआईएसफ के अतिरिक्त कार्मिकों की तैनाती को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय की हरी झंडी का इंतजार है। ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्यूरिटी ने सुबह और शाम की विमान सेवाओं की संभावनाओं को देखते हुए सीआईएसएफ के अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति की जरूरत का आकलन करते हुए सर्वे किया था। एयरपोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन ने पिछले साल 12 फरवरी को सर्वे के आधार पर कार्मिकों की तैनाती को लेकर सीआईएसएफ महानिदेशक को प्रस्ताव भेजा था। वर्तमान में एयरपोर्ट पर 79 कार्मिक तैनात है, जबकि नई जरूरत के हिसाब से 147 कार्मिकों की जरूरत है। सीआईएसएफ महानिदेशक ने जनवरी, 2021 में यह प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुमोदन के लिए भेजा, जिसका कोई प्रत्युत्तर सामने नहीं आया है।
04. सीआईएसएफ कार्मिकों के आवास के लिए चाहिए भूमि
सीआईएसएफ कार्मिकों की आवास की जरूरत के लिए खारडा रणधीर गांव में 10 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जो एयरपोर्ट से 5 किलोमीटर के दायरे में है। जोधपुर विकास प्राधिकरण ने इसके लिए 61 करोड़ की मांग की है। एयरपोर्ट ऑथोरिटी ने जिला कलक्टर को पत्र भेजते हुए यह भूमि निशुल्क उपलब्ध करवाने की मांग की है।
05. सर्दियों की सीजन में पांच शहरों से एयर कनेक्टिविटी की संभावना
आगामी सर्दियों की सीजन में जोधपुर की राजधानी जयपुर सहित चंडीगढ़, हैदराबाद, अहमदाबाद तथा कोलकाता से एयर कनेक्टिविटी हो सकती है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अनुसार 31 अक्टूबर से 26 मार्च 2022 तक संभावित नागरिक विमानन सेवाओं को लेकर जिन एयरलाइंस ने रुचि दिखाई हैं, उसे देखते हुए जोधपुर की जयपुर सहित पांच शहरों की एयर कनेक्टिविटी हो सकती है। वर्तमान में इंडिगो, एयर इंडिया तथा स्टार एयर जोधपुर एयरपोर्ट से मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई तथा बेलगाम के लिए हवाई सेवाएं संचालित कर रही हैं।
10 साल में जोधपुर में ऐसे बढ़ रहा हवाई उद्योग
वर्ष ------------एयरक्राफ्ट मूवमेंट--------- यात्रियों की संख्या
जनवरी 2021 --------302 -------- 44893
जनवरी 2020 -------- 726 -------- 88730
जनवरी 2019 -------- 543 -------- 54818
जनवरी 2018 -------- 714 -------- 48137
जनवरी 2017 -------- 437 -------- 39893
जनवरी 2016 -------- 248 -------- 27154
जनवरी 2015 -------- 266 -------- 26617
जनवरी 2014 -------- 260 -------- 29688
जनवरी 2013 --------256 -------- 28935
जनवरी 2012 --------308 -------- 23256
(कोरोना के कारण जोधपुर में हवाई सेवाओं पर एकदम ब्रेक लग गया अन्यथा जनवरी 2021 में यात्रियों की संख्या एक लाख को पार कर गई होती।)
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