जोधपुर.
राजीव गांधी थानान्तर्गत केरू गांव में पत्थर की कटर मशीन के दो श्रमिकों को पानी के टैंक पर बैठकर मजाक करना भारी पड़ गया। दोनों श्रमिक टैंक में गिर गए। पत्थर कटिंग की स्लरी में फंसने से एक श्रमिक डूब गया। दूसरा श्रमिक पाइप के सहारे सुरक्षित बाहर निकल सका।
पुलिस ने बताया कि नागौर में मकराना थानान्तर्गत लोरोली गांव निवासी महेन्द्र पुत्र धन्नाराम नायक व हड़मानराम पुत्र श्रवणराम मेघवाल कटर मशीन पर काम करते थे। वहां पत्थर कटिंग से निकलने वाला वेस्ट पानी व स्लरी एकत्रित करने के लिए 7 फीट चौड़ा व करीब नौ-दस फुट गहरा टैंक बना हुआ है। दोनों ने सोमवार रात खाना खाया और टैंक के ऊपर बैठकर हाथ धोने लगे।
इस दौरान महेन्द्र ने मजाक-मजाक में हड़मानराम के कंधे पर हाथ रखा और धक्का दे दिया। जिससे वह अनियंत्रित होकर टैंक में गिर गया। इस बीच, महेन्द्र भी संतुलन बिगडऩे से टैंक में जा गिरा। पहले गिरे हड़मानराम के हाथ एक पाइप पकड़ में आ गया। जिसके सहारे वह टैंक से बाहर आ गया, लेकिन महेन्द्र टैंक में डूबने लगा।
यह देख हड़मानराम ने मदद के लिए चिल्लाया तो वहां पहुंचे आस-पास की खान व कटर मशीन पर कार्य करने वाले श्रमिकों ने महेन्द्र को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उसे बाहर नहीं निकाल पाए। सूचना मिलने पर पहुंचे एसआइ मनोज कुमार व एएसआइ पाबूदान सिंह ने मोटर पम्प लगाकर देर रात टैंक से पानी बाहर निकलवाया। महेन्द्र स्लरी में फंसा मिला, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने मंगलवार अपराह्न पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंपा।
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