जोधपुर.राज्य सरकार की ओर से कोरोना द्वितीय लहर में अप्रेल माह में बंद किए गए स्कूल अब १ सितंबर से पुन: खोले जाएंगे। इस साल दूसरी बार स्कूलें खुलेंगी, इससे पहले १८ जनवरी को प्रथम कोविड लहर के बाद स्कूल खोले गए थे। जिले के निजी व सरकारी सेटअप में कुल कक्षा ९ से १२ तक में २ लाख से ज्यादा विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। स्कूल खुलने को लेकर विद्यार्थियों से लेकर संस्था प्रधानों तक में खुशी का माहौल है। स्कूलों में भी बच्चों के आगमन को लेकर साफ-सफाई और सभी प्रकार की तैयारियां की जाने लगी हैं। कक्षा ९-११ के लिए साढ़े सात से साढ़े बारह बजे तक और कक्षा १०-१२ की कक्षाएं ८ से दोपहर १ बजे तक चलेगी।
साढ़े चार माह बाद जोधपुर में बुधवार से फिर बच्चों की चहल-पहल शुरू हो जाएगी। हालांकि सभी विद्यार्थियों को उनके अभिभावकों की सहमति के बाद ही बुलाया जा रहा है। शिक्षा विभाग कक्षा ९ से १२वीं तक के बच्चों को पूर्णत कोविड गाइडलाइन के तहत ही बुलाएगा। स्कूलों में छात्रों को भी बाकायदा सोशल डिस्टेंस की पालना के साथ ही बैठाया जाएगा। कई स्कूल पूरे बच्चे बुलाएगी, क्योंकि शेष कक्षा-कक्ष खाली हैं। जोधपुर में कुल निजी व सरकारी मिलाकर १५८९ स्कूल हैं, इनमें करीब २ लाख से ज्यादा विद्यार्थी कक्षा ९ से १२ में अध्ययनरत हैं। निजी व सरकारी मिलाकर कुल १५ हजार शिक्षक बच्चों को अध्ययन करवाएंगे। सरकारी स्कूलों में कक्षा ९ से १२वीं तक की बात करें तो जिले में ९९ हजार ३७ विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इससे अधिक बच्चे निजी विद्यालयों में है।
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अभिभावकों का सहमति पत्र जरूरी
शिक्षा विभाग ने प्रत्येक विद्यार्थी को स्कूल आगमन से पहले अपने अभिभावकों से सहमति पत्र लेकर बुलाया है। एेसे में विद्यार्थी सहमति पत्र बगैर स्कूल नहीं आ सकेंगे।
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कई स्कूलों ने लगवाए कक्षाओं में कैमरे, ऑनलाइन पढ़ाई होगी
जोधपुर में अधिकतर विद्यार्थियों ने स्कूल आने पर हामी भरी है, लेकिन कुछ अभिभावक स्कूल आकर हालात देखना चाहते हैं। कुछेक अपने बच्चों को नहीं भेजेंगे। एेसे कक्षाओं में कैमरे लगाकर बच्चों को इंटरनेट के जरिए घर बैठे भी पढ़ाने की सुविधा रहेगी।
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खाना खाकर पहुंचे स्कूल और क्लास में खिड़कियां रखें खुली
स्कूल में विद्यार्थियों को विशेषकर सोशल डिस्टेंस मेंटेन रखना होगा। स्टूडेंट्स किसी प्रकार मेल-जोल नहीं करें। विद्यार्थी खेलकूद आदि को अवॉइड रखें, क्योंकि इन गतिविधियों में मेलजोल बन जाता है। इस गतिविधि में मास्क लगाकर नहीं रख सकते। खांसी-जुकाम का बच्चा नजर आए तो रिपोर्ट करें और उसकी टेस्टिंग करवाई जाए। बच्चों को घर से ही खाना खिलाकर भेजा जाए। स्कूल में खाना-पीना न हो, ताकि मास्क उतारने की नौबत न आए। क्लास की खिड़कियां खुली रखें। एयर कंडीशनिंग कम रखनी है।
- डॉ. नवीन किशोरिया, सीनियर प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज
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