जोधपुर. इस बार मानूसन की बेरूखी के चलते मारवाड़ को भयंकर पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। यहां राजीव गांधी लिफ्ट केनाल का पानी जा रहा है, वहां भी कंटीजेंसी प्लान आगे बढ़़ेगा। इसके अलावा पाली जिले व जवाई से होने वाली सप्लाई के क्षेत्र में पेयजल संकट आने वाले दिनों में गहरा सकता है। दो साल बाद एक बार फिर से वाटर ट्रेन चलाने की तैयारी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश कम होने से जलाशय नहीं भरे हैं। ऐसे में पशुधन के लिए पेयजल की व्यवस्था काफी प्रभावित होगी। इसी कारण केनाल के पानी भार बढ़ेगा। टैंकर के जरिये पानी का परिवहन जो मानूसन सीजन से पहले होता है, वह आगे भी जारी रखा जा सकता है।
नए ट्यूबवेल खोदे जाएंगे
ग्रामीण क्षेत्र जहां हाइड्रो सर्वे में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं और भूजल विभाग एनओसी देता है वहां पीएचइडी नए टयूबवेल भी खुदवाएगा। हालांकि ऐसा मानसून के बाद बहुत कम हुआ है कि ट्यूबवेल की जरूरत पडे। इसके लिए भी पीएचइडी स्पॉट चिह्नित करेगा।
पानी का गणित
- 240 क्यूसेक पानी मिल रहा है अभी राजीव गांधी लिफ्ट केनाल से
- शहर और गांवों में पेयजल के लिए पर्याप्त
- बारिश कम होने से गांवों में स्थानीय तालाब व जलाशय भरे नहीं
- पशुओं की डिमांड भी अब केनाल के पानी पर होगी
- टैंकर से पानी परिवहन और नए ट्यूबवेल भी खोदे जा सकेंगे
- पाली के लिए वाटर ट्रेन भी चलाई जा सकती है
- जवाई बांध में 11.8 फीट पर पानी
- डेढ़ माह बाद डेड स्टोरेज से लेना पड़ सकता है उपयोग
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