फौजी ने बाड़मेर में ली थी पनाह, दबिश से पहले हाथ से निकला

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जोधपुर.
भीलवाड़ा में दो कांस्टेबल की हत्या के मामले में एक लाख रुपए का इनामी बदमाश व अद्र्ध सैन्य बल से भगोड़ा राजेश उर्फ राजू फौजी पुलिस से बचने के लिए जगह-जगह छुपता फिर रहा है। जोधपुर में शिकारगढ़ के सैनिकपुरी स्थित कमरे में छुपने के बाद नागौर भागने वाला राजू फौजी ने कुछ दिन पहले तक बाड़मेर में शरण ली थी। पुलिस को पता लगा तो उसके ठिकाने पर दबिश दी गई, लेकिन मोस्ट वांटेड पकड़ में नहीं आ सका।

भीलवाड़ा के पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा का कहना है कि राजू फौजी गत दिनों बाड़मेर में छुपा था। पुलिस ने दबिश दी, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सका।
आधुनिक हथियारों से लैस है मोस्ट वांटेड

बाड़मेर जिले में कल्याणपुर थानान्तर्गत डोली गांव निवासी राजेश उर्फ राजूराम फौजी पुत्र करनाराम बिश्नोई सीआरपीएफ से भगोड़ा है। वो अपने साथियों के साथ भीलवाड़ा जिले में दस अप्रेल की रात डोडा पोस्त से भरे वाहनों को रोकने पर फायरिंग कर दो कांस्टेबल की हत्या कर फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित है। गत माह उसने सैनिकपुरी स्थित कमरे में पनाह ली थी। इस दौरान राजू फौजी व पाबू गोरछिया ने हार्डकोर कैलाश मांजू की हत्या के लिए 80 लाख रुपए में दिनेश बम्बानी, विक्रमसिंह, मनोहरसिंह भणियाणा, मनोहरसिंह आकेली, सुभाष कड़वासरा व लवजीतसिंह से सुपारी ली थी। राजू फौजी ने इन्हें बताया था कि उसके हथियार, हॉकी बट, सिक्सर रिवॉल्वर व 70-80 कारतूस पुन्दलू में एक अन्य फौजी के पास रखे हैं।
तस्करी की कमाई से गांव में आलिशान बंगला

अद्र्ध सैन्य बल से भगोड़ा होने के बाद वर्ष 2013 से राजू फौजी ने मादक पदार्थ की तस्करी शुरू की थी। छोटी-छोटी मात्रा में अफीम का दूध व डोडा पोस्त लाने के बाद उसने भारी मात्रा में तस्करी शुरू कर दी थी। वह हथियार भी साथ रखता था। भीलवाड़ा पुलिस का कहना है कि गांव में करोड़ों रुपए लागत का आलिशान बंगला बन रहा है। जो तस्करी की कमाई से अर्जित है।



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