जोधपुर।
प्रदेश में गहराते कोयला संकट के कारण बंद हुई बिजली उत्पादन इकाइयों का असर ग्रामीण क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। वोल्टेज रेगुलेट करने के नाम पर मैन्युअल ट्रिपिंग ली जा रही है। इससे दिन में दो से तीन बार तक कुछ देर के लिए बिजली बंद रखी जा रही है। हालांकि कुछ भी घोषित कटौती के रूप में नहीं है, लेकिन एग्रीकल्चर डिमांड बढ़ी होने से गांवों की बिजली व्यवस्था पहले से ही दिक्कतों का सामना कर रही है।
क्या है स्थिति
प्रदेश में अभी 4 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। उम्मीद है कि आगामी एक-दो दिन में स्थिति सामान्य होगी। लेकिन पिछले चार-पांच दिन से बिजली कम मिलने और वोल्टेज की समस्या होने से ग्रामीण क्षेत्रों व छोटे कस्बों में अघोषित बिजली कटौती की स्थिति आ गई है।
6 घंटे कृषि बिजली
कृषि कनेक्शन को अभी 6 घंटे बिजली दी जा रही है। लेकिन इस बार बारिश अच्छी नहीं होने के कारण एग्रीकल्चर में बिजली की डिमांड हर बार की बजाय ज्यादा है। इसी कारण एग्रीकल्चर बिजली सप्लाई के समय अन्य सप्लाई बाधित हो रही है।
बिजली सप्लाई पर असर
कई बिजली उत्पादन प्लांट बंद होने के कारण बिजली जीएसएस पर लोड पड़ रहा है। एकदम से वोल्टेज कम व ज्यादा हो रहा है। इसी कारण दिन में कई बार कर्मचारी वोल्टेज कम होने पर मैन्युअल ट्रिपिंग कर रहे हैं। मैन्युअल ट्रिपिंग एक प्रकार से उस क्षेत्र की बिजली काटने को कहते हैं। यह ट्रिपिंग जब तक वोल्टेज सामान्य नहीं होता तब तक रखी जाती है। यह दिन में दो से तीन बार भी हो सकती है। ऐसे में यही ट्रिपिंग अघोषित बिजली कटौती का रूप ले रही है।
गांवों की स्थिति
- रात में कई घंटों तक लगातार बिजली गुल रहती है। कई क्षेत्र तो ऐसे हैं जहां पूरी रात बिजली नहीं आती।
- दिन में कई बार बिजली गुल हो जाती है जो कि तीन से चार घंटे तक नहीं आती।
- शाम के समय यदि बिजली सप्लाई होती भी है तो वोल्टेज काफी कम मिल रहा है।
इनका कहना...
अभी बिजली कटौती जैसी स्थिति नहीं है, सबकुछ सामान्य है। वोल्टेज को नियंत्रित करने के लिए ट्रिपिंग होती है। एग्रीकल्चर लोड बारिश नहीं होने के कारण बढ़ा हुआ है।
- पी.एस चौधरी, अधीक्षण अभियंता, जोधपुर डिस्कॉम जिला वृत्त।
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