जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय पादप आनुंवाशिक संसाधन ब्यूरो क्षेत्रीय केन्द्र जोधपुर के मध्य मंगलवार को एमओयू किया गया।
विवि कुलपति प्रो. प्रवीण चन्द्र त्रिवेदी और ब्यूरो के वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रभारी अधिकारी डॉ. विजय सिंह मीणा ने हस्ताक्षर करके एक दूसरे को कॉपी भेंट की। प्रो. त्रिवेदी ने बताया की दोनों संस्थानों के मध्य एमओयू होने से मरूस्थलीय पादप सम्पदा के संरक्षण के शोध कार्य को बढ़ावा मिलेगा। नई शोध परियोजनाएं शुरू होगी व शोधार्थियों को प्रशिक्षण की सुविधा प्राप्त होगी। मरूस्थल की जैव विविधता की अधिकतम प्रजातियां स्थानिक व संकटग्रस्त श्रेणी में आती है अत: इनका संरक्षण करना अति आवश्यक है। राष्ट्रीय पादप आनुंवाशिक संसाधन ब्यूरों के प्रभारी अधिकारी डॉ. विजय सिंह मीणा ने बताया कि एम.ओ.यू हो जाने से विश्वविद्यालय के शोधार्थी व छात्र-छात्राओं को संस्थान से पादप सम्पदा संरक्षण पर प्रशिक्षण व शोध कार्य की सुविधा उपलब्ध होगी। संस्थान व विश्वविद्याल के संयुक्त साझा कार्यक्रम के तहत् नई परियोजना की शुरूआत होगी जिससे स्थानीय पादपों की आनुंवाशिक जांच कर उनके संरक्षण व उनके व्यापारिक स्तर पर उत्पादन के लिए प्रोटोकॉल विकसित किए जाएंगे।
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