जोधपुर. करीब एक दशक बाद सरकार ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों की राह प्रशस्त तो कर दीं, लेकिन इसी में एक तबका ऐसा हैं, जिनके विद्यालय कुछ माह पूर्व क्रमोन्नत हो गए। इनके स्कूल भी सैकंडरी स्तर के बन गए, यहां अधिशेष रहे करीब 5 सौ तृतीय श्रेणी शिक्षकों के लिए सरकार ने किसी प्रकार की गाइडलाइन जारी नहीं की है। इन शिक्षकों का तबादला होगा या फिर इन्हें काउंसलिंग के जरिए पदस्थापित किया जाएगा। इस संबंध में अभी तक स्थिति असमंजस की बनी हुई हैं। जोधपुर के सैकड़ों शिक्षक सरकार के आदेश की बांट जोह रहे हैं।
अधिशेष शिक्षकों को शिक्षा विभाग 3बी के शिक्षक नाम से संबोधित करता है। तबादला मार्ग प्रशस्त करने से पूर्व सरकार ने अभी तक ऐसे शिक्षकों को लेकर किसी प्रकार की रणनीति नहीं बनाई है। इन शिक्षकों के स्कूल क्रमोन्नत होने से अब यहां तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पद कम हो गए है, इसकी बजाय अब वरिष्ठ अध्यापकों के पद बढ़ गए हैं।
तबादला लिंक भी आसानी से नहीं खुल रहा
शिक्षा विभाग ने तबादले के इच्छुक तृतीय श्रेणी शिक्षकों को शाला दर्पण पर बनाए लिंक पर आवेदन का विकल्प दिया है। हश्र ये हैं कि ये लिंक आसानी से खुल नहीं रहा है। इससे भी घर जाने के इच्छुक शिक्षक हताश हो रहे है। कई शिक्षक लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, जो भी अब शहर में सेवाएं देने के इच्छुक हैं।
इनका कहना हैं...
अभी तक कोई निर्देश नहीं आए है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार ही कार्य होगा।
- अमृतलाल, डीईओ माशि मुख्यालय
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