NAND KISHORE SARASWAT
जोधपुर. राज्य सरकार की ओर से हवाई जहाज और रेल के माध्यम से नि:शुल्क वरिष्ठ नागरिक तीर्थ योजना पर कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर का ग्रहण लगने से इस बार भी यात्रा नहीं होगी। वरिष्ठ नागरिकों से आवेदन की प्रक्रिया जुलाई से शुरू होती है लेकिन अभी तक राज्य सरकार की ओर से कोई दिशा निर्देश नहीं मिलने से वरिष्ठ नागरिकों की तीर्थ यात्रा जाने की उम्मीदें इस बार भी पूरी होना मुश्किल है। अब नि:शुल्क तीर्थ स्थलों की यात्रा की चाहत रखने वाले वरिष्ठ नागरिकों को फिलहाल तीसरी लहर का साया खत्म होने का इंतजार करना होगा। राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2021 में 9000 वरिष्ठ नागरिकों को रेल से और 1000 को हवाई जहाज से यात्रा का प्रस्ताव था, जिसे कोविड की तीसरी लहर की आंशका के चलते हरी झंडी नहीं मिली है।
कोरोना के कारण क्रियान्वयन नहीं
राज्य सरकार की ओर से नि:शुल्क यात्रा योजना का उद्देश्य राजस्थान के मूल निवासी वरिष्ठ नागरिकों 60 वर्ष या अधिक आयु को उनके जीवन काल में एक बार प्रदेश के बाहर देश में स्थित तीर्थ स्थानों में से किसी एक स्थान की यात्रा सुलभ कराना है। लेकिन एक के बाद एक कोरोना की लहर के कारण योजना का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। वर्ष 2013 में राज्य सरकार की ओर से शुरू की गई नि:शुल्क तीर्थ यात्रा योजना में वर्ष 2016 से नि:शुल्क हवाई जहाज से यात्रा को भी शामिल किया गया था। इस योजना में रेल से 85 हजार 219 और हवाई जहाज से 12 हजार 60 बुजुर्ग लाभान्वित हो चुके है जिन पर करीब 150 करोड़ खर्च किए जा चुके है।
अभी तक कोई आदेश नहीं
कोराना की तीसरी लहर की आशंका के कारण वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना क्रियान्वयन को लेकर देवस्थान विभाग मुख्यालय की ओर से कोई आदेश नहीं मिले है।
-जतिन गांधी, सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग जोधपुर
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