जोधपुर।
केन्द्र सरकार ने 16 जून से स्वणाभूषणों पर हॉलमार्र्किंग की अनिवार्यता लागू कर दी है। इनमें सरकार ने एक्सपोर्ट किए जाने वाले गहनों व कुंदन-पोलकी-जड़ाऊ गहनों की खरीद-फरोख्त को हॉलमर्र्किंग की अनिवार्यता से मुक्त रखा है। इन गहनों पर हॉलमार्किंग की अनिवार्यता लागू नहीं होगी। कुंदन-पोलकी-जड़ाउ गहनों में 90 ये 99 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना काम आता है। ऐसे में इन गहनों पर 22 प्रतिशत कैरेट हॉलमार्क लगना मुश्किल होता है। इसको देखते हुए केन्द्र सरकार ने इन गहनों को हॉलमार्र्किंग से मुक्त रखा है।
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एक्सपोर्ट गहनों को छूट
केन्द्रीय व्यापार नीति के अनुसार गोल्ड ज्वैलरी का निर्यात व आयात, अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों के लिए आभूषण, सरकार की ओर से अनुमोदित बी 2 बी घरेलू प्रदर्शनियों के लिए आभूषणों को अनिवार्य हॉल मार्किंग से छूट दी गई है।
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प्रदेश में सोने की खरीद-फरोख्त में जोधपुर दूसरे नम्बर पर
मारवाड़ की जनता में सोने का जबरदस्त क्रेज है, जोधपुर में सोना अपनी शुद्धता व राजपूती स्वर्णाभूषण के लिए विख्यात है, विशेष रूप से जड़ाउ-कुंदन व पोलकी के गहने । राजस्थान में सोने की खरीद-फ रोख्त व व्यापार के मामले में जयपुर के बाद जोधपुर दूसरे नम्बर पर आता है।
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ये रहेंगे हॉलमार्क के दायरे से बाहर
- घरों में उपलब्ध पुराने बिना हॉलमार्क वाले आभूषण ज्वैलर्स को बेचे जा सकेंगे। ज्वैलर्स को भी ग्राहक से बिना हॉलमार्क के पुराने सोने के आभूषणों को वापस खरीदने की छूट होगी।
- 14, 18 और 22 कैरेट सोने के आभूषण, सोने के सिक्कें।
- 40 लाख सालाना टर्नओवर वाले ज्वैलर्स ।
- घडियां, फ ाउंटेन पेन ।
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जड़ाउ, कुंदन व एन्टीक ज्वैलरी को हॉलमार्किंग से अलग रखने से इन गहनों से जुड़े कारीगरों और व्यवसायियों को कम झंझट का सामना करना पड़ेगा।
नवीन सोनी, उपाध्यक्ष
इंडिया बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन राजस्थान
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कुंदन, पोलकी आभूषणों को हॉलमार्किंग अनिवार्यता से अलग रखने का राजस्थान के ज्वैलर्स, जो जड़ाउ आभूषण बनाते-बेचते है, को फ ायदा मिलेगा क्योंकि इसमें अलग-अलग शुद्धता का सोना लगता है।
पदमचंद कांकरिया, अध्यक्ष
जोधपुर ज्वैलर्स एसोसिएशन
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