जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने जैसलमेर जिले भिंया गांव स्थित सार्वजानिक भूमि पर अतिक्रमण हटाने को लेकर जिला स्तरीय पब्लिक लैंड प्रोटेक्शन सेल को याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन की निष्पक्ष जांच करने और चार सप्ताह में उस पर उचित तर्कपूर्ण आदेश पारित करने के निर्देश दिए हैं। न्यायाधीश संदीप मेहता एवं न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता हलीम खान की याचिका निस्तारित करते हुए कहा कि यदि कोई प्रतिकूल कार्यवाही होती है, तो याचिकाकर्ता अपनी शिकायतों को दूर करने के लिए उपयुक्त उपाय का सहारा लेने के लिए स्वतंत्र होगा। जयपुर पीठ ने 30 जनवरी, 2019 को जगदीश प्रसाद मीणा मामले में मुख्य सचिव को प्रत्येक जिले में पब्लिक लैंड प्रोटेक्शन सेल गठित करने के निर्देश दिए थे। जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित इस सेल का मुख्य कार्य सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण हटाने की शिकायत पर जांच के उपरांत उचित कदम उठाना है। ऐसी प्रत्येक शिकायत की जिला कलक्टर को उपखंड अधिकारी, तहसीलदार या नायब तहसीलदार से जांच करवानी चाहिए और शिकायत के तथ्य सही पाए जाने पर अतिक्रमण हटाने और अतिक्रमियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। शिकायत का कारण अभिलिखित करते हुए न केवल निस्तारण किया जाए, बल्कि उसकी सूचना शिकायतकर्ता को दी जाए।
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