दोस्ती कुछ ऐसी निभाई कि दिवंगत साथी की पुत्री के लिए 48 घंटों में जुटा लिए 7 लाख रुपए

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जोधपुर।
दोस्ती कुछ ऐसे निभाई जाती है कि साथी की अगली पीढ़ी भी याद रहेगी। सोशल मीडिया का उपयोग किया और महज 48 घंटे में दोस्त की बेटी के लिए सात लाख की सहायता राशि जुटा ली।

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय करवड़ में व्याख्याता पद पर कार्यरत छोटुगिरी गोस्वामी का 7 जून को एक दुर्घटना में निधन हो गया था। गोस्वामी कोविड ड्यूटी पर करवड़ जा रहे थे, उसी समय दुर्घटना हुई। गोस्वामी की 9 वर्ष की पुत्री एवं 5 वर्ष के पुत्र की मदद के लिए उनके मित्र राजूराम कांवा ने कदम बढ़ाया। अपने साथियों के साथ मिलकर वाटसएप ग्रुप बनाकर सोशल मीडिया पर मुहिम शुरू की। राजूराम ने मित्र तुलसाराम सीरवी (सीबीईओ मंडोर), प्रोफेसर भैराराम बेनीवाल, अध्यापक अजय शर्मा सोशल मीडिया से 48 घंटे में सात लाख रुपए की सहयोग राशि एकत्र कर ली। इस मुहिम में छोटूगिरी के मित्र, विभाग के साथी और उत्कर्ष क्लासेज के सीईओ निर्मल गहलोत ने भी सहयोग किया। इस सहयोग राशि में से पुत्री के नाम 45 हजार की मंथली इनकम स्कीम, 1 लाख 50 हजार की सुकन्या समृद्धि योजना, 1 लाख का पीपीएफ खाता खुलवाकर कुल 700000 लाख के कागजात गोस्वामी की पुत्री व पिता हनुमानराम गोस्वामी को सुपुर्द किए। इस दौरान तहसीलदार वीरेंद्र सिंह शेखवात, तुलसाराम सीरवी, राजूराम, भैराराम, रामूराम, मुनाराम सेंगवा, केसर सिंह राजपुरोहित, दिलीप सिंह चारण, रामूराम जाखड़, भंवरलाल उपस्थित रहे।
दोस्तों में एनसाइक्लोपीडिया थे

उनके दोस्त बताते हैं कि वे कर्मठ एवं योग्य शिक्षक थे, उनका सरकारी सेवा में प्रथम चयन ग्राम विकास अधिकारी पद पर 2008 में हुआ था, उसके बाद छोटुगिरी ने कभी पीछे मुडकऱ नहीं देखा। बुद्धि लब्धि प्रखर थी, याददाश्त अधिक होने के कारण मित्रों में एनसाक्लोपीडिया कहलाते थे। सहकारिता निरीक्षक, तृतीय श्रेणी अध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक, व्याख्याता, नेट जेआरएफ, सेट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं में उच्च रेंक से अपनी सफलता का परचम लहराया था।



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