जोधपुर।
राज्य सरकार ने भले ही लॉकडाउन में छूट का दायरा बढ़ा दिया हो और अनलॉक की प्रक्रिया शुरू कर दी लेकिन रोडवेज अभी तक लॉकडाउन से उबर नहीं पाई है। यही कारण है कि यात्रीभार नहीं मिलने के कारण अभी भी कई रूट पर बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है।दो साल से कोरोनाकाल में रोडवेज को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा। बसों का संचालन बंद होने से हर महीने कर्मचारियों को वेतन देना भारी पड़ रहा है। यही वजह है जब दूसरा महीना खत्म होने के कगार पर होता है तब पहले महीने का वेतन मिलता है। यह हालात कोराना की वजह से पैदा हुए है।
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इसलिए बंद है बसें
जोधपुर रोडवेज बेड़ा में वर्तमान में करीब 110-115 बसों का संचालन होता है लेकिन कोरोना के चलते मुश्किल से आधी बसों का ही संचालन हो रहा है, वर्तमान में 60 से 65 बसें ही चल पा रही है। अन्य मार्गों पर पर्याप्त यात्रीभार नहीं मिलने के कारण बसों का संचालन संभव नहीं हो पा रहा है।
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बढ़ रहा है घाटा
समय पर बसों का संचालन नहीं होने से पहले से ही घाटे से जूझ रहे रोडवेज प्रबंधन के लिए कोराना ने आग में घी डालने जैसा काम किया। खर्चा अधिक व कमाई कम होने से बसों के रखरखाव से लेकर कर्मचारियों के वेतन- भत्तों व अन्य संसाधनों की खरीद पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
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अनलॉक के बाद बसों का संचालन शुरू हुआ है । 1 जुलाई के बाद सभी बसों के संचालन की उम्मीद है।
कुलदीप शर्मा, मुख्य प्रबंधक
रोडवेज जोधपुर
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