जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में संचालित जंभेश्वर पर्यावरण संरक्षण शोध पीठ और जम्भाणी साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेबीनार वैश्विक महामारी पर्यावरण से अंतर्संबंध व प्रभाव तथा जांभाणी दर्शन में समाधान विषय पर वेबीनार के अंतिम दिन शनिवार को पर्यावरण में योगदान के लिए तीन बड़े पुरस्कार दिए गए।
गुरु जंभेश्वर पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार स्वर्गीय सुंदरलाल बहुगुणा को मरणोपरांत दिया गया। अमृता देवी विश्नोई पुरस्कार पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वाली डॉ वंदना शिवा को मिला। स्वर्गीय प्रो जैताराम विश्नोई स्मृति पुरस्कार असम निवासी पदमश्री सम्मानित यादव पायेंग को मिला।
वेबीनार की शुरुआत में डॉ ओमप्रकाश विश्नोई ने शोध पीठ द्वारा किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। प्रथम सत्र के मुख्य वक्ता पदमभूषण व पदमश्री सम्मानित डॉ अनिल प्रकाश जोशी ने युवाओं को पर्यावरण शिक्षण की भागीदारी का आह्वान किया। जेएनवीयू कुलपति प्रो प्रवीण चंद्र त्रिवेदी, डॉ राजश्री राणावत, डॉ आरके बिश्नोई, डॉ हमसिंह गहलोत ने विचार रखे।
दूसरे सत्र में डॉ कालूराम सेणचा, राजस्थान न्यायिक सेवा के पुनाराम गोदारा, मुम्बई से डॉ वैशाली, मुख्य वक्ता काजरी निदेशक डॉ ओपी यादव, जेएनवीयू सिंडिकेट सदस्य प्रो शिशुपाल सिंह भादू, डॉ पुष्प बिश्नोई और प्रो प्रवीण गहलोत बोले। अन्तिम सत्र में मुख्य वक्ता राजस्थान प्रदूषण मंडल के क्षेत्रीय सलाहकार डॉ बीआर पंवार, लंदन से डॉ बिकु राठौड़, मुख्य अतिथि राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश डॉ पुष्पेन्द्र सिंह भाटी ने व्याख्यान दिया। अध्यक्षता पूर्व सांसद जसवंतसिंह विश्नोई ने की। वेबिनार में 10 देशों के प्रतिभागियों ने भाग लिया। सात सत्रों में 50 शोध पत्र पढ़े गए।
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