जोधपुर।
अनलॉक 2.0 में छूट का दायरा बढ़ा दिया गया है। बाजार खोलने की छूट 10 घंटे तक दी गई है। लेकिन हमें अब भी कायदा नहीं भूलना होगा। कायदे में रहेंगे तो ही पूरी तरह से कोरोना से जंग जीत सकेंगे। व्यापारी वर्ग ने जहां बाजार खुलने का समय बढऩे पर कुछ राहत की सांस ली तो बाजार भी लोग खरीदारी को बाहर निकले। कई जगह अच्छे उदाहरण भी देखने को मिले तो कई स्थानों पर लोगों लापरवाही भी बरतते नजर आए। सुबह 7 से 8 के बीच हमेशा की तरह बाजार खुले और शाम 5 बजे बाद सडक़ें सूनी होनी शुरू हो गई।
यह सही कदम
कई 50 दिन बाद दुकानों पर मिर्ची बड़े और समोसे लेने के लिए लोग उमड़े। अनलॉक 1.0 में भी अधिकांश दुकानों ने यह सेवाएं शुरू नहीं की थी। मंगलवार को दुकान के बाहर गार्ड लगाकर लोगों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का प्रयास किया गया।
एक हौजरी की दुकान पर व्यवस्था कुछ इस प्रकार कि दुकान के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग रखने के लिए दुकानदार ने ग्राहकों को बाहर ही रोक दिया। कतार बनाकर अंदर प्रवेश दिया गया।
यह गलत है
जब दुकानों के बंद होने का समय हो गया तो आधा शटर गिराकर एक दुकानदार सामान देता रहा। यह गलत है, इस सोच में बदलाव जरूरी है।
एक कॉम्प्लेक्स की दुकानें खुली और लॉबी में भीड़ हो गई। लोग एक-दूसरे से सट कर चल रहे, सोशल डिस्टेंसिंग नदारद। इस गलती को सुधारना होगा।
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