आर्थिक विकास की रीढ़ अब 'टूटनेÓ के कगार पर

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर।

देश के आर्थिक विकास में योगदान देने वाले, सरकार को राजस्व देने वाले व आर्थिक गतिविधियों की रीढ़ की हड्डी कहे जाने वाले रिटेल व्यापारियों का लंबे लॉकडाउन के कारण सब्र का बांध अब टूटने के कगार पर है। कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन की वजह से करीब एक माह से ज्यादा समय से रिटेल व्यापार-दुकानें बंद है। अगर यहीं हालात रहे तो न केवल सरकार को आर्थिक नुकसान होगा बल्कि रिटेल व्यापार बर्बाद हो जाएगा व व्यापारी आर्थिक रूप से गर्त में चले जाएंगे। शहर का प्रमुख घंटाघर, त्रिपोलिया, मोती चौक, सरदारपुरा के अलावा भीतरी शहर के प्रमुख बाजार व रिटेल दुकानें सहित करीब 10 हजार से ज्यादा दुकानें बंद है। जब तक सरकार पूरी तरह से लॉकडाउन हटाएगी, तब तक काफ ी श्रमिकों का पलायन हो चुका होगा । ऐसी स्थिति में व्यापारियों के लिए उन्हें वापस लाना भी टेढ़ी खीर होगा।

--

इस बार ज्यादा नुकसान

- गत वर्ष मार्च माह में लॉकडाउन लगा था, उस समय में रिटेल व्यापार सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ और सबसे बाद में रिटेल दुकानों को खोलने की अनुमति मिली थी। मार्च में रिटेल व्यापारियों को होलसेलर से मिलने माल की सप्लाई पूर्ण रूप से नहीं हो रही थी। अधिकांश माल होलसेलर, मैन्यूफेक्चरर्स के पास ही स्टॉक में रह गया।

- इस बार अप्रेल माह में लॉकडाउन लगा था। इस समय शहर में त्योहारों के साथ सावों की धूम सीजन थी। हर दुकानदार ने करोड़ों रुपयों के माल का स्टॉक कर रखा था। लेकिन लॉकडाउन लग जाने के कारण माल बिक ही नहीं सका और रिटेल व्यापारियों के पास स्टॉक पड़ा ही रह गया। अब व्यापारियों की सबसे बड़ी चिंता स्टॉक में पड़े माल का होलसेलर का पेमेंट करना है।

---

25 हजार से 3 लाख तक बंद दुकानों का किराया

पिछले लॉकडाउन से व्यापारी उबरे ही नहीं थे कि इस लॉकडाउन में रिटेल व्यापार की फिर हालत खराब हो गई। व्यापारियों के सामने बंद दुकानों के 25 हजार से लेकर 3 लाख रुपए तक किराया के अलावा बिजली बिल, काम करने वाली लेबर का वेतन देना भारी पड़ रहा है।

---

- 10 हजार से दुकानें शहर में रिटेल व्यापार से जुड़ी

- 2 लाख से ज्यादा लोग पा रहे रोजगार

- 10 हजार से ज्यादा लोग लगे है माल सप्लाई कार्य में

-



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3wtySwX
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment