जोधपुर.
एसओजी ने सिरोही जिले के शिवगंज की मेडिकल दुकान से ब्लैक में बेचने की फिराक में रखे 8 रेमडेसिवर इंजेक्शन जब्त करने के मामले में जोधपुर से नर्सिंगकर्मी व एमआर व अजमेर से एक और युवक को हिरासत में लिया। सरकारी अस्पताल में सप्लाई वाले इंजेक्शन कालाबाजारी में अजमेर से जोधपुर होकर शिवगंज भेजे जाते थे।
एसओजी सूत्रों के अनुसार शिवगंज स्थित वीनस मेडिकल नामक दुकान में शनिवार को दबिश देकर आठ रेमडेसिवर इंजेक्शन जब्त किए गए थे। दुकान संचालक क्षितिज पुत्र ओमप्रकाश मेवाड़ा व सहयोगी प्रवीण कुमार पुत्र नारायणलाल मीणा को गिरफ्तार किया गया था। प्रवीण कुमार की जेब से 50 हजार रुपए प्रति इंजेक्शन के लिए अग्रिम दिए दस हजार रुपए बरामद किए गए थे।
पूछताछ में क्षितिज मेवाड़ा ने एसओजी को बताया कि यह रेमडेसिवर इंजेक्शन अजमेर निवासी राहुल से मंगाए थे। जो कालाबाजारी करके तीस हजार रुपए प्रति इंजेक्शन के हिसाब से भेजता था। राहुल ने यह इंजेक्शन जोधपुर में नर्सिंगकर्मी आदित्य प्रकाश वैष्णव व ऋषभ दाधीच को भेज थे। फिर वे रोडवेज बस में जोधपुर से शिवगंज भेजते थे।
इस सूचना के आधार पर एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलसिंह के नेतृत्व में कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड निवासी आदित्य प्रकाश पुत्र परमानंद वैष्णव व मूलत: अजमेर में किशनगढ़ हाल मसूरिया में बाबा रामदेव मंदिर के सामने निवासी ऋषभ पुत्र अनिल दाधीच को भी हिरासत में लिया गया। अजमेर एसओजी ने अजमेर से राहुल को पकड़ा। तीनों को जयपुर स्थित एसओजी कार्यालय ले जाया गया। जयपुर के एसओजी-एटीएस थाने में एफआइआर दर्ज की गई। आरोपी आदित्य प्रकाश वैष्णव जोधपुर में गोयल अस्पताल का नर्सिंग कर्मचारी है। ऋषभ जोधपुर में एमआर है। उससे पचास हजार रुपए भी जब्त किए गए हैं।
एसओजी ने रिश्तेदार के कोरोना से गंभीर बीमार बता पकड़ा
शिवगंज में वीनस मेडिकल से 50-70 हजार रुपए में रेमडेसिवर का एक इंजेक्शन बेचे जाने की सूचना मिली। जबकि यह इंजेक्शन सिर्फ सरकारी अस्पताल में ही कोविड-19 मरीज को लगाए जा रहे हैं और इनकी कीमत भी 4800 रुपए है। एसओजी के निरीक्षक जब्बरसिंह, कांस्टेबल धर्मेन्द्र व रामाकिशन ने ग्राहक बन दो दिन रैकी के बाद दुकानदार से सम्पर्क किया था। कर्मचारी प्रवीण ने क्षितिज के मोबाइल नम्बर देकर व्हॉट्सऐप पर बात करने की नसीहत दी। फर्जी ग्राहक बने एसओजी ने रिश्तेदार के एम्स में भर्ती होने व ऑक्सीजन लेवल 80 व सीटी स्कोर 17 होना बताकर रेमडेसिवर इंजेक्शन की जरूरत बताई। दुकानदार ने साठ हजार रुपए प्रति इंजेक्शन रेट बताई। फिर 50 हजार रुपए प्रति इंजेक्शन के हिसाब से 5-6 इंजेक्शन देने पर सहमति बनी।
दस हजार अग्रिम लेते ही एसओजी ने छापा मार पकड़ा
दुकानदार ने शनिवार को दुकान बुलाया, जहां पहुंचकर फर्जी ग्राहक बने कांस्टेबल धर्मेन्द्र व रामाकिशन ने दस हजार रुपए अग्रिम दिए। तभी इशारा मिलते ही एसओजी निरीक्षक जब्बरसिंह ने दबिश देकर क्षितिज व प्रवीण को पकड़ लिया। तलाशी में दुकान की दराज से रेमडेसिवर के आठ इंजेक्शन जब्त किए गए थे।
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