NAND KISHORE SARASWAT
जोधपुर. वैभव और वैवाहिक सुख देने वाले शुक्र वृषभ राशि परिवर्तन कर शुक्रवार रात 11.44 बजे मिथुन राशि में प्रवेश कर चुके हैं। इस राशि में शुक्र 22 जून तक रहेंगे। मिथुन राशि पर इनके मित्र ग्रह बुध पहले से ही विद्यमान है अत: बुध और शुक्र का एक साथ रहना पृथ्वीवासियों के लिए बहुत सुखद परिणाम दायक रहेगा। ज्योतिष में शुक्र को धन, मूल्य, संगीत, सौंदर्य, मनोरंजन, बंधन ऊर्जा, प्रेम, संबंध की भावना, जीवनसाथी, माता प्रेम, रचनात्मकता, विवाह, संबंध, कला, समर्पण, फैशन, पेंटिंग का कारक ग्रह माना जाता है। ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि
शुक्र एक शुभ ग्रह है। इसलिए कुंडली में इसकी अच्छी स्थिति से जातकों को जीवन में कई सुख सुविधाएं मिलती हैं लेकिन मुख्य रुप से प्रेम, भौतिक सुखों में इसकी मजबूती से वृद्धि होती है। इसके साथ ही वैवाहिक जीवन में भी शुक्र की स्थिति का असर पड़ता है, यदि कुंडली में शुक्र अच्छी स्थिति में है तो दांपत्य जीवन सुखद रहता है। शुक्र ग्रह के शत्रुओं में सूर्य व चन्द्रमा है लेकिन गुरु व मंगल सम सम्बन्ध रखते हैं।
शुक्र के पास अमृत संजीवनी
अमृत संजीवनी के मालिक शुक्र पृथ्वी के साथ है और शुक्र के पास अमृत संजीवनी है। ज्योतिषियों का मानना है कि कोरोना महामारी से होने वाली मृत्यु दर में कमी आएगी और कोरोना का असर न्यूनतम होगा। प्राकृतिक आपदा और अप्रिय घटनाएं जन शून्य स्थानों पर होने की संभावना अधिक है। शुक्र अमृत संजीवनी के कारण दुर्घटना के शिकार लोगों को बचाने में सफल रहेंगे।
व्यापार करने वालों के लिए शुभ
शुक्र के राशि परिवर्तन से व्यापार करने वाले लोगों के लिए समय अच्छा रहेगा। रोजगार के क्षेत्रों में वृद्धि होगी। आय में बढ़ोतरी होगी। देश की अर्थव्यवस्था के लिए शुभ रहेगा। राजनीति में उतार-चढ़ाव तथा शुक्र के अशुभ प्रभाव से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी होती हैं। शुक्र का गोचर मिथुन, सिंह, कन्या, तुला, कुंभ राशि के जातकों के लिए शुभ तथा मेष, वृष, धनु, मीन राशि के जातकों के लिए सामान्य रहेगा।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2RWNDKa
0 comments:
Post a Comment