NAND KISHORE SARASWAT
जोधपुर. जोधपुर जिले की सीमा से सटे रोहट तहसील ग्राम भाखरीवाला के आसपास क्षेत्रों में पिछले एक माह में रानीखेत डिजीज से 200 मोरों की मौत के बाद पक्षियों के लिए घातक बीमारी जोधपुर जिले में दस्तक दे चुकी है। जोधपुर जिले में लूणी तहसील के भटिण्डा क्षेत्र में स्थित रतनाराम सोऊ की ढाणी में पिछले तीन-चार दिनों में 20 से अधिक मोर मर चुके हैं। क्षेत्र के वन्यजीव प्रेमी व सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी श्रीराम सोऊ ने बताया कि पांच घायल मोरों को जोधपुर के वन्यजीव चिकित्सालय भेजा गया जिनका उपचार जारी है। उन्होंने बताया कि बीमारी के कारण मोर अचानक गोल घूमने लगते हैं और नीचे गिरने के बाद उनकी गर्दन में सूजन आने के बाद दो से तीन घंटे तक तडफ़ते हुए दम तोड़ रहे हैं। जोधपुर से वन्यजीव चिकित्सकों की टीम घटना स्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की है। ग्रामीण क्षेत्रों के चुग्गा घरों के आसपास पानी के पात्र में लसोटा वैक्सीन घोल कर रखी जा रही है। जोधपुर के वन्यजीव चिकित्सालय में लाए गए मोर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी रानीखेत बीमारी की पुष्टि हो चुकी है।
प्रभावित गांवों में वैक्सीन पहुंचाने के प्रयास
वन्यजीव चिकित्सक डॉ. ज्ञान प्रकाश व सहायक वन्यजीव चिकित्सक महेन्द्र गहलोत ने बताया कि मोरों में रानीखेत बीमारी के कारण जोधपुर जिले के भटिण्डा सहित आसपास के पक्षी बहुल क्षेत्र के बीमार मोरों को समय रहते वैक्सीन देने की कवायद शुरू की गई है। प्रभावित गांवों के जल बिन्दू केन्द्रों, चुग्गा घरों के जलपात्रों में घोला जा रहा है। इसके लिए सरपंच, वन्यजीव प्रेमियों से सम्पर्क कर सहयोग लिया जा रहा है।
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