जयकुमार भाटी/जोधपुर. जहां चाह, वहां राह को चरितार्थ करते हुए निकटवर्ती मोगड़ा कलां गांव के लोगों ने कोरोना के लिए ऐसी लक्ष्मण रेखा खींच दी है कि बढ़ते संक्रमण के बावजूद गांव में एक भी व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार नहीं हुआ। हालांकि गांव के ही स्कूल में सरपंच व ग्रामीणों की पहल पर पत्रिका सेफ होम बनवाया गया है, लेकिन अब तक इसमें एक भी व्यक्ति को रखने की जरूरत नहीं पड़ी।
गांव के सरपंच वागाराम पटेल ने ग्रामीणों की मदद से कोरोना को गांव में नहीं घुसने देने का संकल्प लिया और देखते ही देखते पूरा गांव इस महामारी से मुकाबले के लिए उठ खड़ा हुआ। पटेल ने बताया कि गांव में संक्रमण रोकने के लिए युवाओं के साथ महिलाओं की टीम बनाई गई है। गांव में आने वाले सभी रास्तों को बंद किया गया है। मुख्य मार्ग पर बनाई गई अस्थाई चौकी पर युवा बारी-बारी से ड्यूटी दे रहे हैं।
हैल्पलाइन नंबर भी जारी
ग्रामीणों की मदद के लिए हैल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। एंबुलेंस, दवाई व भोजन जैसी जरूरत के लिए ग्रामीण हैल्पलाइन नम्बर 7014962920 पर फोन कर सकते हैं। कोरोना से जंग जीतने के लिए भवानी सिंह खीची, सुरेश विश्नोई, सांवलराम पटेल, विष्णु सरगरा, वागाराम, विरम वैष्णव, लक्ष्मण, भोपाल प्रजापत व रमेश गर्ग जैसे युवाओं की टीम हरवक्त तत्पर नजर आती है। इधर गांव की महिला टीम ग्राम विकास अधिकारी अंजु चौधरी के नेतृत्व में घर-घर जाकर मास्क व सैनिटाइजर का वितरण भी कर रही हैं।
सेफ होम में सभी सुविधाएं
पत्रिका के महामारी से महामुकाबला अभियान से प्रेरित होकर बनाए गए सेफ होम में सरपंच के सहयोग से दस पलंग व एक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन की व्यवस्था भी की गई हैं। ग्रामीण प्रदीप वैष्णव के अनुसार पन्द्रह हजार की आबादी वाले गांव में वेलनेस सेंटर एक सप्ताह पहले शुरू हो गया, लेकिन अभी तक एक भी गंभीर मरीज सामने नहीं आया है।
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