जोधपुर. केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शुक्रवार को लूणी विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। बेरू में डॉक्टर समेत स्टाफ ही नदारद मिला। चावंडा में बीसीएमओ और बीडीओ सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। केंद्रीय मंत्री ने लचर व्यवस्था पर सख्त नाराजगी जताई।
केंद्रीय मंत्री ने उपस्थिति रजिस्टर मंगवाया और जांचा तो पाया कि एक मई के बाद डॉक्टर सहित अधिकांश स्टाफ के हस्ताक्षर नहीं हैं। पंचायत समिति मंडोर के स्वास्थ्य केंद्र चावंडा के निरीक्षण के बाद केंद्रीय मंत्री शेखावत ने प्रभारी चिकित्सक से कोविड से मृत्यु की संख्या की जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि संक्रमण के दौरान होम आइसोलेशन वाले मरीजों की देखभाल कैसे होती है, मॉनिटरिंग का क्या तरीका है। यहां प्रभारी और बीसीएमओ ने अलग-अलग आंकड़े बताए। लैब टेक्नीशियन केंद्र में है या नहीं, इस पर भी अलग-अलग जवाब मिला।
ग्रामीणों ने बताई पानी की समस्याप्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूनिया की प्याऊ में शेखावत ने चिकित्सकों से फीडबैक लिया। ग्रामीणों ने बताया कि समीप की कावों की ढाणी में होली के बाद से पानी नहीं मिल रहा है। लोगों को भारी परेशानी हो रही है। वहां मौजूद जलदाय विभाग के अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि पानी का एक टैंकर रोजाना भेज रहे हैं।
मुकुल माधव फाउंडेशन ने सौंपे कंसंट्रेटर
ब्रिटिश एसोसिएशन ऑफ फिजीशन ऑफ इण्डियन ओरिजन (बीएपीआईओ) मुकुल माधव फाउंडेशन की ओर ऑक्सीजन कंसट्रेटर और चिकित्सकीय उपकरण शेखावत को सौंपे गए। इसी प्रकार उद्यमी सोहन भूतडा, संदीप काबरा, देवेन्द्र सालेचा, जय प्रकाश अग्रवाल, रोहित कालानी, संदीप सिंघवी और भरत कानूनगो ने बीस हजार मास्क और सेनेटाइजर सौंपे। यह ग्रामीण क्षेत्रों में वितरित किए जाएंगे।
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