जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने कोविड-19 प्रकोप के मद्देनजर अधीनस्थ तथा विशेष अदालतों सहित न्यायाधिकरणों को 8 जून तक सीमित संख्या में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। रजिस्ट्रार जनरल के अनुसार प्रत्येक न्यायिक क्षेत्राधिकार में अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई के लिए एक विशेष अदालत और न्यायाधिकरण रोटेशनल आधार पर कार्यरत रहेगा। इसका प्रबंधन प्रिंसिपल जिला जज करेंगे। जिला जजों को प्रत्येक न्यायिक क्षेत्राधिकार में रोटेशन के आधार पर न्यायिक अधिकारियों को अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई के लिए प्रतिनियुक्त करने के लिए अधिकृत किया गया है।
रिमांड या जमानत प्रार्थना पत्र, विशेष अधिनियमों के तहत जमानत के लिए अपील, सजा निलंबन का प्रार्थना पत्र, निषेधाज्ञा व स्थगन, सुपुर्दगी आवेदन पत्र, धारा 164 सीआरपीसी के तहत बयान तथा मृत्यु उद्घोषणा जैसे मामलों को अत्यावश्यक प्रकृति का माना गया है। परिपत्र के अनुसार न्यायिक अभिरक्षा जहां तक संभव हो, वीसी के माध्यम से दी जाए। जिन मामलों में अंतरिम राहत की अवधि 25 से 8 जून के बीच समाप्त हो रही है, वह अग्रिम आदेश तक विस्तारित मानी जाएगी। याचिका, अपील, दावा या प्रार्थना पत्र पेश करने के लिए निर्धारित परिसीमा अवधि में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अग्रिम आदेश तक छूट रहेगी।
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