जोधपुर. बनाड़ रोड पर निजी अस्पताल के संचालक चिकित्सक से पुत्र को एमसीएच यूरोलॉजी करवाने के लिए पुणे की कॉलेज में प्रवेश दिलाने का झांसा देकर पचास लाख रुपए ऐंठ लिए गए। प्रवेश न मिलने पर दिए चेक भी अनादरित होने और झांसे के बावजूद रुपए न लौटने पर चिकित्सक पिता ने बनाड़ थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
पुलिस के अनुसार बनाड़ रोड पर राजस्थान अस्पताल निवासी डॉ पृथ्वीसिंह पुत्र चैनाराम जाट ने निखिल निरंजन छंगाणी के खिलाफ पचास लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि वर्ष 2014 में निखिल उनके घर आया और डॉ पृथ्वीसिंह के पुत्र भरत खदाव का सहपाठी व खुद की माता वंदना को दोनों की शिक्षिका होने की जानकारी दी। भरत पुणे के मेडिकल कॉलेज में एमएस (एमएस) कर रहा था। निखिल ने पुणे के कॉलेज में मैनेजमेंट कोटे से भरत को एमसीएच (यूरोलॉजी) में प्रवेश दिलाने का झांसा दिया। इसके लिए उसने ५० लाख रुपए की बात की।
डॉ पृथ्वीसिंह ने २७ नवम्बर २०१४ को २५ लाख रुपए के तीन चेक दिए। शेष पचास लाख रुपए नगद दिए थे। निखिल व उसकी मां ने प्रवेश न मिलने पर राशि लौटाने का भरोसा दिलाया था। भरत का कॉलेज में प्रवेश नहीं हुआ तो निखिल ने राशि लौटाने के लिए चेक दिए, लेकिन वो अनादरित हो गए थे। इस संबंध में एनआइ कोर्ट में मामला विचाराधीन है।
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