कोरोना से बचाव व उपचार में होम्योपैथी पर भी मरीजों का भरोसा

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जोधपुर. एक ओर जहां पूरी दुनिया कोरोना के प्रकोप से त्राहि-त्राहि कर रही है। इस बीच एलोपैथी व आयुर्वेद के अलावा लोगों ने अपनी इम्यूनिटी बूस्टर करने व ऑक्सीजन सेचुरेशन को मेंटेन रखने के लिए होम्योपैथी का भी सहारा लिया। जोधपुर में भी हर रोज सैकड़ों की तादाद में लोग अपना मर्ज का इलाज कराने होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति का सहारा लेते हैं और विश्वास हैं कि जिस तरह से उनके अन्य मर्ज सही हुए है, कोरोना में भी होम्योपैथी उनके लिए कारगर है। शहर में शनिवार को डॉ. हैनिमैन की जयंती पर विश्व होम्योपैथी दिवस भी मनाया जाएगा। इस अवसर पर पत्रिका ने शहर के होम्योपैथी चिकित्सकों से होम्योपैथी पद्धति में कोरोना के उपचार जाने। उल्लेखनीय हैं कि होम्योपैथिक चिकित्सा पद्वति के अविष्कारक डॉ. क्रिश्चियन फेड्रिक सेम्युल हैनिमैन का जन्म 10 अप्रेल 1755 को जर्मनी में हुआ। पूरी दुनिया में आज का दिन विश्व होम्योपैथिक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

निमोनिया व ऑक्सीजन की कमी में कारगर होम्योपैथिक
होम्योपैथिक दवाएं लक्षण व जांच के पहलूओं को देखते हुए दी जाती है। निमोनिया व ऑक्सीजन की कमी के लिए भी होम्योपैथी में दवाएं उपलब्ध हैं। ये दवाएं जल्दी से असर भी दिखाती हैं। इसमें एंटीमोनिय टार्ट, ब्रायोनिया एल्ब, फास्फोरस, फेरम फास, स्पंजिया टोस्टा आसैनिक अल्वम, ऑक्सीजीनम, एकोनाइट, जल्सेमियम व बलाटा मदर टींचर आदि दवाइयां है। जिनके सेवन मात्र से निमोनिया, ऑक्सीजन की कमी, बुखार, जुकाम-खांसी गायब हो जाते हैं। गत एक वर्ष में हजारों लोगों को इसका फायदा मिला है।

- डॉ. रामसिंह सोलंकी, होम्योपैथी चिकित्सक एवं विशेषज्ञ

कोरोना में उपयोगी होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति
अभी भी समय है केन्द्र व राज्य सरकारों को इस चिकित्सा पद्वति का उपयोग करना चाहिए। कोरोना में जिस प्रकार के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उसमें होम्योपैथिक दवाइयां बहुत ही कारगर साबित हो सकती हैं। जिसमें से कुछ एकोनाइट, आर्स एल्ब, ब्रायोनिया, एन्टीम टार्ट, एसपिडोस्परमा, इनफ लूजींनम इत्यादि का प्रयोग किया जाए तो कोरोना से जल्द राहत दे सकती है व इसकी लागत भी बहुत कम है। हमारे देश में इन दवाइयों का इतना भंडार है कि हम पूरे विश्व को दे सकते हैं। इनफलूजींनम व आर्स एल्ब का प्रयोग इस बीमारी से बचाव में भी किया जा सकता है। आज अगर होम्योपैथिक का अलग से मंत्रालय या विभाग होता तो इस विपदा में बहुत काम आता।

- डॉ.महेन्द्र पटवा, अध्यक्ष, जोधपुर होम्योपैथिक एसोसिएशन



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