जोधपुर. कोरोना संक्रमण जहां लगातार हालात बदतर करता जा रहा है वहीं व्यावसायिक गतिविधियां भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। शिक्षण कार्य शहरी क्षेत्र में बंद रखने के आदेश है। लेकिन व्यावसायिक कोचिंग को इससे अलग रखने की मांग रखते हुए कोचिंग क्लासेज के संचालक अपनी मांग रख रहे हैं। राजस्थान पत्रिका ने डिजिटल मंच के जरिये इन संचालकों की संगोष्ठी आयोजित की। कोचिंग क्लासेज के संचालकों ने कहा कि एक्ट में इन्हें कॉमर्शियल कोचिंग का दर्जा हासिल है, साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थी समझदार भी होते हैं तो कोरोना गाइड लाइन की पालना कर सकते हैं। ऐसे में नियत समय के लिए कोचिंग खोलने की अनुमति मिलनी चाहिए।
व्यावसायिक गतिविधि का दर्जा
कोचिंग क्लासेज शिक्षण संस्थाओं में सम्मिलित नहीं हैं। यह व्यावसायिक गतिविधि में आते हैं। प्रतियोगी परीक्षा की तिथियां आ चुकी हैं, ऐसे में कोर्स पूरा करने की अनुमति मिलनी चाहिए।
- हरीश बाना, परिज्ञान क्लासेज
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कुछ समय निर्धारित करे
व्यावसायिक गतिविधियों में शािमल कोचिंग संस्थाओं को खुलने के लिए समय निर्धारित करें। कई विद्यार्थी शहर से बाहर से आकर रह रहे हैं। अब उनको परेशानी होगी।
- के.डी चारण, अतुल्य इंस्टीट्यूट
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अभ्यर्थी समझदार हैं
कोचिंग संस्थाओं व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी बड़ी उम्र के समझदार होते हैं, वे कोविड गाइडलाइन की पालना करना जानते हैं। ऐसे में उनको अनुमति मिलनी चाहिए।
- श्रेयांश कोठारी, ज्ञानम इंस्टीट्यूट
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नियमों में रह कर अनुमति मिले
हम धारा 144 या अन्य गाइड लाइन की अवहेलना करना नहीं चाहते। लेकिन जिन परीक्षाओं की तिथियां नजदीक हैं, उन्हें तो कम से कम कोर्स पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए।
- डॉ. यशवंतराज गहलोत, फ्यूचर प्लस क्लासेज
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