जोधपुर. प्रतिष्ठित 'मातुश्रीकमला गोइन्का राजस्थानी पुरस्कारÓ जोधपुर के मीठेश निर्मोही को उनके काव्य-संग्रह 'मुगतीÓ पर दिया जाएगा। पुरस्कार स्वरूप उन्हें एक लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह रुपए की राशि प्रदान की जाएगी।
गोइन्का फाउण्डेशन के प्रबंध न्यासी श्यामसुन्दर गोइन्का के अनुसार ये पुरस्कार हिन्दी व राजस्थानी भाषा में लिखित व प्रकाशित पुस्तकों तथा साहित्यकारों के साहित्य के प्रति समग्र-योगदान के आधार पर दिए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष का एक लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह रुपए का स्नेहलता गोइन्का व्यंग्य भूषण पुरस्कार दिल्ली के डॉ. हरीश नवल को, यशस्वी सत्यनारायण गोइन्का हिन्दी साहित्य पुरस्कार पुणे के डॉ. दामोदर खडसे को, इक्यावन हजार रुपए का रत्नीदेवी गोइन्का वाग्देवी पुरस्कार मुंबई की डॉ. बीना बुदकी को तथा रमादेवी गोइन्का महिला राजस्थानी साहित्य पुरस्कार जोधपुर की डॉ. चांदकौर जोशी को उनके कहानी संग्रह 'उपहारÓ के लिए दिया जाएगा।
मीठेश निर्मोही एक परिचय
मीठेश निर्मोही राजस्थानी और हिन्दी के सुप्रतिष्ठ कवि,कथाकार आलोचक तथा अनुवादक हैं। राजस्थानी में "आपै रै ओळै ओळै-दोळै ***** तथा "मुगती" (कविता संग्रह ), अमावस, एकम अर चांद (कहानी संग्रह),आधुनिक राजस्थानी कवितावां, आज री राजस्थानी कहांणियां, तथा राजस्थानी साहित्य पद्य संग्रह और हिन्दी में "चेहरों की तख्तियों पर ***** , ***** चिड़िया भर शब्द ***** तथा ***** शब्द की संगत ***** ( कविता संग्रह) प्रकाशित हैं ।
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