जोधपुर. माचिया जैविक उद्यान में पिछले दो साल से आकर्षक नए वन्यजीवों के लाने के प्रयास थम चुके है। दो माह बाद सेवानिवृत्त होने जा रहे अधिकारी के दिलचस्पी के अभाव में जोधपुर की तुलना में जयपुर के जैविक उद्यान में लगातार आकर्षक वन्यजीवो की तादाद बढ़ रही है। ओडिशा के नंदन कानन जूलॉजिकल पार्क से सफेद बाघ, रॉयल बंगाल बाघिन, दुर्लभ पक्षी जेब प्रिंच, जावा स्पैरो, नरजंगली समेत कई दुर्लभ पक्षियों को आगामी रविवार तक नाहरगढ़ जैविक उद्यान लाया जाएगा। ये सभी दुर्लभ वन्यजीव एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत दिए जा रहे है। आकर्षक व्हाइट टाइगर, बंगाल बाघिन और आकर्षक पक्षियों के लिए नाहरगढ़ जैविक उद्यान की ओर से ओडिशा के नंदन कानन जूलॉजिकल पार्क को एक जोड़ा चिंकारा, एक जोड़ा पैंथर और घडि़याल दिया गया है। जबकि जोधपुर के माचिया जैविक उद्यान में लॉयन, पैंथर, जैकाल, लोमड़ी चीतल, चिंकारे भी आवश्यकता से अधिक मात्रा में मौजूद है। देश के कई चिडि़याघर वन्यजीव एक्सचेंज योजना के तहत नए वन्यजीव देने में सहयोग को तैयार है लेकिन अधिकारियों की ओर से रूचि नहीं लेने के कारण जोधपुर के वन्यजीव प्रेमी नए आकर्षक वन्यजीव देखने से वंचित हो रहे है।
माचिया में आकर्षक वन्यजीव लाने में ये भी है परेशानी
वन्यजीव मंडल के अधिकारी माचिया जैविक उद्यान में दूसरे राज्यों से नए वन्यजीवों को लाकर रखने के लिए एन्क्लोजर (पिंजरों ) का अभाव प्रमुख कारण मानते है। जोधपुर जंतुआलय में कुल सात भेडिय़ों में से चार भेडि़ए कोटा के नवनिर्मित जैविक उद्यान भेजे जा चुके है जबकि पूरे देश के जंतुआलय में सर्वाधिक भेडि़यों की मांग है और एनिमल एक्सचेंज योजना के तहत कोई भी वन्यजीव देने तक को तैयार है।
२ जोड़े पॉम सिवेट की मिली मंजूरी
ओडिशा के नंदन कानन जूलॉजिकल पार्क जोधपुर के माचिया जैविक उद्यान को २ जोड़े पॉम सिवेट देने की मंजूरी दी है। इसके बदले पांच चिंकारे दिए जाएंगे। बड़े वन्यजीवों को रखने एन्क्लोजर अभाव है जिसके लिए बजट मांगा गया है।
-केके व्यास, सहायक वन संरक्षक, माचिया जैविक उद्यान जोधपुर
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