जोधपुर. राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के चौथे दिन मंगलवार को अलग-अलग भाषाओं में डेढ़ दर्जन से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। फेस्टिवल के दौरान 'सिनेमा से पर्यटन, निवेश एवं संस्कृति को बढ़ावाÓ विषय पर टॉक शो का भी आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि महापौर दक्षिण क्षेत्र वनिता सेठ ने कहा कि किसी भी प्रदेश की सभ्यता और संस्कृति को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने का सबसे अच्छा साधन वहां का सिनेमा होता है। यदि क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों में वहां की समृद्ध सभ्यता और संस्कृति को प्रदर्शित किया जाए तो निश्चित रूप से पर्यटक आकर्षित होते हैं। उन्होंने शहर के विकास के लिए फिल्म जगत की ओर से सहयोग की जरूरत होने पर नगर निगम जोधपुर उसके लिए सदैव तैयार रहेगा। कोलकाता के फिल्म डायरेक्टर कुमार चौधरी ने बताया कि कोलकाता के फिल्म निर्देशक सत्यजीत रे ने सोनार किला फिल्म बनाई तो बंगाल के पर्यटक जैसलमेर के सोनार किले को देखने आते हैं। राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, पुष्कर, अजमेर, जैसलमेर जैसे कई शूटिंग लोकेशन मौजूद हैं जो शायद किसी भी अन्य प्रदेश में नहीं हैं। जरूरत है इन लोकेशन तक फिल्म निर्माताओं को पहुंचाने की। जर्मनी से आए हरगोविंद राणा ने कहा कि राजस्थानी फिल्मों को इंटरनेशनल लेवल पर ले जाने की आवश्यकता है ताकि वहां भी राजस्थानी कल्चर के बारे में लोगों को जानकारी मिल सके। टॉक शो में सिनेमा ऑन व्हील के डायरेक्टर अरुण वर्मा व लंदन से आए दिलीप पुंगलिया ने विचार व्यक्त किए। रिफ के डायरेक्टर सोमेंद्र हर्ष ने सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न प्रदान किए। कोऑर्डिनेटर अंशु हर्ष ने टॉक शो का संचालन किया।
आज होगा समापन
फिल्म फेस्टिवल का समापन बुधवार को मेहरानगढ़ की जनाना ड्योढ़ी में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम व पुरस्कार समारोह से होगा। समारोह में बेहतरीन फिल्मों को पुरस्कृत किया जाएगा
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