जोधपुर. होली के आठ दिन पहले होलाष्टक 22 मार्च से शुरू हो जाएंगे। होलाष्टक निवृत्ति होने तक मारवाड़ में शुभ और मांगलिक कार्य टालने का विधान है। होलाष्टक की निवृत्ति होलिका दहन के साथ होगी। गर्गाचार्य पं. मोहनलाल गर्ग ने बताया कि 21 मार्च को सप्तमी तिथि है और 22 मार्च को उदित तिथि अष्टमी होने से होलाष्टक शुरू हो जाएंगे।
पं. ओमदत्त शंकर ने बताया कि होलिका दहन से पूर्व आठ दिनों में भक्त प्रहलाद पर हिरण्यकश्यप की यातनाएं बढ़ गई थी इसलिए यह आठ दिन के दौरान मांगलिक कार्य नहीं किए जाते है। इसलिए होलाष्टक में कुछ राज्यों में शुभ कार्य नहीं होते है। जिन प्रदेशों में होलाष्टक का दोष मान्य होता है वहां शुभ कार्य वर्जित रहते हैं । पं. ओमदत्त ने बताया कि होलाष्टक से पूर्व 19 और 20 मार्च को खरीदारी के लिए श्रेष्ठ माना गया है। शनिवार 20 मार्च को सर्वार्थसिद्धि योग व अमृतसिद्धि योग शाम 4.44 बजे तक खरीदारी के लिए उत्तम है। लेकिन इस योग में यात्रा करना वर्जित माना गया है।
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