बिलाड़ा. दशकों पुराने कस्बे के राजोलाव तालाब के दिन अब फिरने वाले हैं। पालिका बोर्ड ने अपनी पहली आमसभा में इसके सौन्दर्यीकरण को लेकर प्रस्ताव पारित कर डीपीआर तैयार करने का निर्णय कर लिया है। अब तक ये तालाब दुर्दशा का शिकार हो रखा है।
दीवान राजोसिंह द्वारा खुदवाए गए इस तालाब का कैचमेंट एरिया 92 बीघा में था जो कालांतर में मात्र 32 बीघा ही रह गया है। राजनीति के चलते काफी जमीन आवंटित कर दी गई और कई विभागों ने अपने कार्यालय स्थापित कर लिए, सर्वाधिक जमीन कृषि उपज मंडी ने एकाधिकार जमा लिया। समय रहते चार दिवारी और इसकी पाळ को सुरक्षित नहीं किया गया तो अतिक्रमण होते देर नही लगेगी।
यह पहला अवसर है हाल ही हुए चुनाव में भाजपा ने इस तालाब के पुनरुद्धार को लेकर मुद्दा बनाया और वादा किया कि उनका बोर्ड बना तो पहला कार्य तालाब पुनरुद्धार और फिर सीवरेज लाइन व अन्य कार्यो को लिया गया। अब बोर्ड की बैठक में डीपीआर तैयार करने की प्रशासनिक तैयारी शुरू की जा रही है। इस तालाब से ही आसपास के सौ से अधिक कुओं का जल स्तर ऊपर आता है और किसानों में खुशहाली बनी रहती है। अब इसके साथ ही चोपड़ा फीडर नहर को भी पक्का कर लिया जाए।
विधायक की भी रही सहमति
बोर्ड की पहली बैठक में सभी 35 पार्षदों की मौजूदगी में कई प्रस्तावों पर चर्चा और उन्हें व्यावहारिक रूप देने के निर्णय हुए। इस बीच पालिकाध्यक्ष रूपसिंह परिहार ने विधायक हीराराम मेघवाल से दो महत्वपूर्ण कार्यो में सरकार का सहयोग चाहा, जिसमे सीवरेज के साथ साथ कस्बाई तालाब के पुनरुद्धारक का प्रस्ताव भी शामिल था। विधायक ने दोनों कार्यों में धन की कमी नहीं आने देने का वायदा किया। साथ ही अधिशासी अधिकारी को डीपीआर तैयार करने के निर्देश भी दिए।
डीपीआर तैयार कर रहे हैं
बोर्ड बैठक में लिए गए विभिन्न विकास कार्यों के प्रस्तावों के साथ साथ राजोलाव तालाब के पुरुद्वार कार्य को प्राथमिकता से लिया जा रहा है। डीपीआर तैयार की जा रही है।
नरेंद्रसिह काबा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका बिलाड़ा
अमृतम् जलम् के तहत हुए कार्य
इस तालाब के रखरखाव को लेकर राजस्थान पत्रिका ने कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। इसके अतिरिक्त पत्रिका के अमृतम् जलम् अभियान के श्रमदान के तहत तालाब की खुदाई की और इसकी सफाई की गई। चार दिवारी तैयारी करवाई जो अब धराशायी हो चुकी है।
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