जोधपुर।
जोधपुर विकास प्राधिकरण में बुधवार को संभागीय आयुक्त एवं जोधपुर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा की अध्यक्षता में प्राधिकरण की बैठक में मास्टर प्लान पर मुहर लगा दी गई। अब गजट प्रकाशन के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा। इसके बाद यह लागू होगा। पिछले पांच साल से यह प्लान अटका था, आपत्तियों का निस्तारण भी नहीं कर पा रहे थे। आयुक्त कमर चौधरी के अनुसार सीएम अशोक गहलोत के निर्देश पर विशेष कमेटी बनाकर आपत्तियों का निस्तारण किया गया। निदेशक आयोजना राजेश वर्मा द्वारा पॉवर पॉइन्ट प्रजेंटेशन के माध्यम से जोधपुर मास्टर डवलपमेंट प्लान-2031 का प्रजेंटेशन दिया गया।
चार जोन में यह विशेषताएं
- जोन पश्चिम में ट्यूरिज्म एवं फेस्टिवल सिटी : गोल्डन ट्राइएंगल में स्थित पर्यटन स्थलों पर पर्यटक आते हैं, जैसलमेर जाने वाले पर्यटक इसी रास्ते से निकलते हैं। फेस्टिवल सिटी के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित हैं। जिसका क्षेत्रफल 3270.09 हैक्टेयर है।
- जोन दक्षिण में कॉरपोरेट पार्क : आर्थिक विकास को दृष्टिगत रखते हुए कॉरपोरेट पार्क का प्रस्ताव दिया गया है। जिसका क्षेत्रफल 2918.63 हैक्टेयर है। जिसमें केवल कॉर्पोरेट ऑफिस, आईटी पार्क, जैव-प्रौद्योगिकी पार्क, अनुसंधान एवं विकास केन्द्र, प्रदर्शनी केन्द्र, उच्च स्तर के होटल होंगे।
- जोन पूर्व में स्पोर्टस् सिटी : जोधपुर में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए फुटबॉल एकेडमी की स्थापना की गई है। इसीलिए स्पोर्टस सिटी प्रस्तावित की गई है, इसमें प्रतिभावान खिलाडिय़ों को उच्च स्तर की सुविधाएं दी जाएगी। सरदारसमन्द रोड के दक्षिण-पश्चिम में 1205.36 हैक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई है।
- जोन उत्तर में नॉलेज-हेल्थ केयर सिटी : नागौर रोड़ पर स्थित संस्थाओं को शामिल करते हुए नॉलेज एवं हेल्थ केयर सिटी विकसित करना प्रस्तावित है। जिसका क्षेत्रफल 4075.20 हैक्टेयर है।
मास्टर प्लान का इतिहास
- जोधपुर का प्रथम मास्टर प्लान 1976-1996 तक बनाया था, जिसे 2001 तक विस्तार दिया गया था।
- द्वितीय मास्टर प्लान 2001 में बनाया गया जो 2023 को ध्यान में रखते हुए था।
- यह शहर का तीसरा मास्टर प्लान होगा।
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