जोधपुर. पेड़ों की रक्षा के लिए खेजड़ली में जान देने वाले 363 बलिदानियों की गाथा अब प्रदेश के राजभवन के साथ-साथ राज्य के सरकारी विश्विद्यालयों के प्रस्तावित पार्क में भी दिखेगी। नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण की सीख देने के लिए राजभवन के पार्क में खेजड़ली का स्टेच्यू, टेलीफिल्म, शिलालेख, ताम्रपत्र के रूप में जगह दी जाएगी। कुछ समय पूर्व राजभवन ने राज्य के सभी विश्विद्यालयों को राजभवन में ऐतिहासिक पार्क बनाने के लिए निर्देश दिए थे। जयनारायण व्यास विश्विद्यालय जोधपुर के अधीन संचालित गुरु जम्भेश्वर पर्यावरण संरक्षण शोध पीठ के सहयोग से कुलपति प्रो डॉ पीसी त्रिवेदी के निर्देश पर रजिस्ट्रार चंचल वर्मा व नोडल अधिकारी डॉ हेमसिंह गहलोत ने राजभवन में एक प्रजेंटेशन दिया था। अब राजभवन की कमेटी ने जेएनवीयू का यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।
बुधवार को शोध पीठ के निदेशक डॉ ओमप्रकाश विश्नोई के नेतृत्व में डॉ हेमसिंह गहलोत, प्रो खरताराम पटेल, प्रो डॉ शिवकुमार बरबड़, महेश धायल, सुरेन्द्र विश्नोई, राहुल विश्नोई ने यूनिवर्सिटी जाकर कुलपति व रजिस्ट्रार तथा सिंडिकेट सदस्यों का राजभवन में पार्क स्थापित करवाने व सिंडिकेट बैठक में शोधपीठ के फाउंडर निदेशक स्व. प्रो जेताराम विश्नोई की स्मृति में जोधपुर यूनिवर्सिटी केम्पस में स्मृति पार्क व पुरस्कार की स्वीकृति देने पर आभार जताया।
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