जोधपुर. शिक्षा विभाग में सवा तीन वर्ष पहले राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय जाटी बेरा हतुंडी पंचायत समिति बावड़ी में नियुक्त हुए अध्यापक मनोज कुमार सैनी को प्रोबेशन पीरीयड के दौरान आंतों में रस्सी पडऩे की समस्या हुई। बीमारी में इलाज के लिए सौ दिन से अधिक असाधारण अवकाश लिया। लेकिन बीमारी से ज्यादा अध्यापक मनोज को शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली ने दर्द दे दिया।
मनोज के असाधारण अवकाश को सेवा पुस्तिका में अंकण करने व अवकाश स्वीकृत करने के लिए शिक्षा विभाग में फाइल लगाई। यहां शिक्षा विभाग के लिपिकों ने 90 दिन का अवकाश खुद स्वीकृत कर शेष अवकाश बीकानेर निदेशालय भेज दिया। यहां निदेशालय ने ऑब्जेक्शन उठाया कि स्थानीय डीईओ कार्यालय महज 30 दिन का अवकाश स्वीकृत कर सकता है। ऐसे प्रकरण फिर नए सिरे से शुरू हो गया। वहीं शिक्षा विभाग निदेशालय ने आदेश की कॉपी धौलपुर डीईओ प्रारंभिक कार्यालय भेज दी। यहां तक ही नहीं शिक्षा विभाग ने मनोज कुमार को मनोज कुमारी तक बना दिया। अध्यापक की प्रकरण कॉपी भी जोधपुर डीईओ कार्यालय नहीं पहुंची। जबकि डिलेवरी रिपोर्ट में रवाना होना बता रही है।
सवा तीन साल से प्रोबेशन की तनख्वाह उठा रहा
ये प्रकरण नहीं सुलझने के कारण अध्यापक मनोज सवा तीन साल से प्रोबेशन पीरीयड जितनी तनख्वाह उठा रहा है। कर्मचारी नेता सोहनलाल डारा ने बताया कि मनोज आर्थिक, शारीरिक व मानसिक सभी रूप से भी परेशान हो रहा है। मनोज परिवार का भरण-पोषण कर्ज लेकर चला रहा है। मेडिकल अवकाश, पीएल का लाभ नहीं मिल रहा। वेतन नियमितिकरण व स्थाईकरण के कार्य अटके पड़े है। डीईओ संतोष ने कहा कि वे मामल दिखवाएंगी, जो मदद होगी, शिक्षक के लिए की जाएगी।
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