जोधपुर।
प्रदेश की कृषि मंडियों में कृषक कल्याण शुल्क, मंडी शुल्क दर ज्यादा होने व नए कृषि कानून से मंडी के बाहर व्यापार बढऩे से राज्य सरकार को करोड़ों रुपयों की चपत लग रही है। प्रदेश की कृषि मंडियों में तीन तिमाहियों में टेक्स संग्रहण घटने से मंडियों में वर्ष भर में 100 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान होने की आशंका है। जोधपुर की बात करे तो मंडोर कृषि उपज मंडी में गत दस माह में पिछले वर्ष की तुलना में 4 करोड़ रुपए से अधिक का मंडी टेक्स का नुकसान राज्य सरकार को हुआ है। राजस्थान में कृषक कल्याण शुल्क के रूप में अतिरिक्त मंडी टेक्स लगाने तथा नए कृषि कानूनों के बाद मंडी से बाहर टेक्स मुक्त व्यापार से प्रदेश की मंडियों में व्यापार घटने से मंडी टेक्स संग्रहण में कमी आई है। इससे राज्य सरकार को नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में किसान-व्यापारी वर्ग आगमी बजट में कृषक कल्याण शुल्क व मंडी शुल्क के समाप्त होने की उम्मीदें लगाए बैठे है।
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गत 8 माह में मंडोर मंडी टेक्स संग्रहण की गत वर्ष से तुलना (राशि लाख रुपए में)
माह -- 2019-20 -- 2020-21 ---- अन्तर
अप्रेल -- 146.75 -- 88.07 ---- -58.68
मई -- 137.58 -- 101.5 ---- -36.08
जून -- 141.42 -- 125.47 ----- -15.95
जुलाई -- 100.32 -- 80.84 ----- -19.48
अगस्त -- 94.47 -- 67.64 ----- -26.83
सितम्बर -- 95.00 -- 63.57 ----- -31.43
अक्टूबर -- 107.93 -- 59.97 ------ -47.96
नवम्बर -- 141.72 -- 67.15 ----- -74.57
दिसम्बर -- 134.82 -- 64.03 ----- -70.79
जनवरी -- 143.67 -- 117.99 ---- -25.68
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कुल -- 1243.68 -- 836.23
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व्यापार मंडी के बाहर शिफ्ट होना व कोविड महामारी में मांग घटने के कारण इस बार मंडी टेक्स के रूप में कम राजस्व प्राप्त हुआ।
सुरेन्द्रसिंह राठौड़, सचिव
राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि उपज मंडी मण्डोर, जोधपुर
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राजस्थान में सभी प्रदेशों से ज्यादा मंडी टेक्स है। व्यापार हतोत्साहित होकर पड़ौसी राज्यों में जा रहा है, इससे किसानों को नजदीक में प्रतिस्पर्धा बाजार नहीं मिलता, प्रदेश सरकार को भी टेक्स का नुकसान हो रहा है।
तुलछाराम सिंवर,प्रांत प्रचार प्रमुख
भारतीय किसान संघ
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