भारतीय थलसेना के साथ अमरीकी सेना का संयुक्त युद्धाभ्यास शुरू

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जोधपुर। भारत और अमरीका की थल सेनाओं के बीच संयुक्त युद्धाभ्यास सोमवार से बीकानेर स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में शुरू हो गया। आगामी चौदह दिन तक चलने वाले इस युद्धाभ्यास में दोनों देशों की सेनाएं रेगिस्तानी इलाकों जैसी विषम परिस्थितियों में काउंटर टेरेरिज्म पर अपने तकनीकी कौशल का प्रदर्शन करेगी। संयुक्त राष्ट्र के मेंडेट के तहत हो रहे इस संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास का नाम भी "युद्धअभ्यास" ही रखा गया है।

युद्धाभ्यास में शामिल होने के लिए अमरीकी सेना के एक ब्रिगेड मुख्यालय तथा 2 बटालियन, 3 इन्फैंट्री रेजिमेंट, 1-2 स्ट्राइकर ब्रिगेड कॉम्बैट टीम के 270 सैनिकों का दल गत शनिवार को सूरतगढ़ पहुंचा था। अमरीकी दल के सदस्यों का महाजन पहुंचने पर पारम्परिक स्वागत किया गया। उद्घाटन समारोह के बाद दोनों सेनाओं की टुकड़ियों ने युद्धाभ्यास के दौरान काम में लिए जाने वाले हथियारों व तकनीक के बारे में अपने अनुभवों को साझा किया।


इससे पहले युद्धअभ्यास- 20 का उद्घाटन करते हुए भारतीय थल सेना की 170वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर मुकेश भानवाला ने कहा कि संयुक्त अभ्यास के दौरान दोनों देशों की टुकड़ियां आतंकरोधी अभियानों में एक दूसरे के अनुभवों से रूबरू होंगी। काउंटर इंसरजेंसी ऑपरेशन के दौरान उत्पन्न होने वाली स्थितियों से निपटने में ये अनुभव काफी कारगर साबित होंगे।

रक्षा प्रवक्ता कर्नल लेफ्टिनेंट कर्नल अमिताभ शर्मा के अनुसार युद्धाभ्यास की शुरुआत दोनों देशों के राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान के साथ हुई। दोनों देशों की टुकड़ियों ने अपने अपने राष्ट्रगान “जन मन गन...” और “स्टार सपैन्गल्ड बैनर...” गाने के साथ एक दूसरे से परिचय हासिल किया और युद्धाभ्यास में एक दूसरे की तकनीक को जानने की प्रतिबद्धता जाहिर की।

सीखेंगे एक दूसरे के अनुभवों से

युद्धाभ्यास दोनों देशों को सफल आतंक विरोधी अभियानों के संचालन एवं संयुक्त सैन्य कार्यवाही की उनकी क्षमता वृद्धि में सहायक सिद्ध होगा। संयुक्त युद्धाभ्यास के दौरान काउंटर इंसरजेंसी ऑपरेशंस के अलावा मानवीय सहायता और आपदा राहत में अनुभवों का आदान-प्रदान भी किया जाएगा।

अत्याधुनिक तकनीक का होगा प्रदर्शन
युद्धअभ्यास के दौरान भारत और अमरीकी सेनाएं सैन्य अभियानों में काम आने वाले अत्याधुनिक हथियारों व तकनीक का प्रदर्शन करेंगे। भारतीय सेना में हाल ही में शामिल किए नए स्वदेशी एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर डब्ल्यूएसआई ‘रुद्र’, एमआई-17 व चिनूक हेलिकॉप्टर्स के साथ बीएमपी-II मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं अमरीकी सेना अपने स्ट्राइकर वाहन का प्रदर्शन भी करेगी।



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