जोधपुर. आयुर्वेद के प्राचीन स्वास्थ्य विज्ञान एवं आधुनिक तकनीक के परस्पर सहयोग पर आधारित अनेक शोधपरक योजनाओं पर कार्य करने के उद्देश्य से डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन् राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय (Rajasthan Ayurveda University) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT Jodhpur) जोधपुर ने बुधवार को एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद दोनों संस्थान शैक्षणिक व अनुसंधान की गतिविधियों को साझा कर सकेंगे। क्लिनिकल एवं शोध प्रयोगशालाओं का परस्पर उपयोग करते हुए शैक्षणिक एवं शोध-कार्यों का संचालन करेंगे।
आइआइटी जोधपुर के निदेशक प्रो शंातनु चौधरी और आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर के कुलपति प्रो. अभिमन्यु कुमार ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। कुलसचिव सीमा कविया ने बताया कि एमओयू की प्रस्तावित शोध-गतिविधियों के अन्तर्गत आधुनिक तकनीक एवं मापदण्डों के माध्यम से आयुर्वेद के सिद्धान्तों के अनुसार व्यक्ति की प्रकृति को परिभाषित करने में महत्त्वपूर्ण मदद मिलेगी, जिससे वात-पित्त-कफ प्रकृति के व्यक्ति-विशेष के लिये हितकर खानपान एवं जीवनचर्या का निर्देशन सम्भव हो सकेगा। तकनीक के माध्यम से आयुर्वेदीय औषधियों के फ ार्मेको-डायनेमिक्स का विश्लेषण किया जा सकेगा। नाड़ी-परीक्षा, पंचकर्म इत्यादि के विभिन्न उपकरणों का तकनीक के माध्यम से विकास होगा।
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