चिंकारा शिकार के बाद आइआइटी परिसर में गुपचुप दफनाने पर बवाल

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जोधपुर. कड़वड़ आइआइटी परिसर में मादा चिंकारा के शिकार के बाद उसे परिसर में ही गुपचुप दफनाने की घटना पर बवाल मच गया। क्षेत्रिय वन अधिकारी के समक्ष क्षेत्रवासियों ने सुरक्षा गार्डों व अधिकारियों की मिलीभगत कर चिंकारा शिकार करने का आरोप लगाते हुए मामले को दबाने के लिए गुपचुप तरीके से वन्यजीव को दफनाने का नामजद मुकदमा दर्ज करवाया है।

चार घंटे धरना प्रदर्शन, मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने पर बनी सहमति
पर्यावरण प्रेमियों ने शिकार प्रकरण का विरोध करते हुए नामजद आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने व आइआइटी परिसर में अन्य चिंकारा प्रजातियों को बाहर स्वतंत्र करने की मांग को लेकर मुख्य द्वार पर मृत मादा चिंकारा के साथ करीब चार घंटे धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस थानाधिकारी कड़वड़ भरतसिंह रावत , मंडोर थानाधिकारी सुरेश चौधरी, क्षेत्रिय वन अधिकारी अशोकाराम पंवार, चेतक फ्लाइंग सहित हेड कांस्टेबल सोहनलाल बिश्नोई मय जाब्ता मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पर्यावरण प्रेमियों व आई आई टी रजिस्टार के बीच करीब एक घंटे वार्तालाप के प्रशासनिक कमेटी बनाकर निष्पक्ष जांच करने तथा स्थानीय थानाधिकारी भरतसिंह रावत की समझाइश के बाद ही मृत चिंकारा का पोस्टमार्टम रातानाडा स्थित पशु चिकित्सालय में तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड से करवाने पर सहमति बनी। इस दौरान बीटीएफ संस्थान प्रदेश अध्यक्ष रामपाल भवाद, कड़वड़ सरपंच बालाराम चौधरी, जिला उपाध्यक्ष हिम्मताराम भादू , मदनसिंह घड़ाव, रणवीर कांवा, गोकुलराम बाबल, चैनाराम वार्ड पंच, बीटीएफ महासचिव भरत खेड़ी, सचिव इन्द्रजीत गीला, बीरबल लोल जुड़़, भीखाराम भादू, जोराराम बाबल, बाबूलाल तरड़, चौखाराम माचरा, श्रवण बोला, नेमीचंद सहित बड़ी संख्या में पर्यावरणप्रेमी व विश्नोई समाज के लोग मौजूद रहे।

मौका-ए-वारदात से तीसरे दिन मृत चिंकारा को निकाला बाहर

ग्रामीणों के अनुसार घटना 1 फरवरी शाम की बताई गई है। शाम कऱीब छ: बजे आइआइटी परिसर सिविल बिल्डिंग के पास दो सुरक्षा गार्ड चिंकारा के पीछे लाठी व जाल लिए दौड़ रहे थे । प्रत्यक्षदर्शी गवाह देवेन्द्र सिंह झीपासनी ने वन्यजीवों को प्रताडि़त करने की घटना का विरोध किया। इस पर परिसर में तैनात सुरक्षा गार्डों ने गवाह को धमकाते हुए जान से मारने की धमकी दी। दूसरे दिन पर्यावरण प्रेमी रणवीर कांवा ने सुरक्षा सुपरवाइजर मदनलाल बिश्नोई को घटना के बारे में बताया तो मुख्य सुरक्षा अधिकारी केप्टन इमन ने तुरन्त ही सुरक्षा गार्डों से मिलीभगत कर जेसीबी ड्राइवर महेंद्र नायक से चिंकारे को दफना दिया गया। बुधवार को इस प्रकरण की आइआइटी प्रशासन की ओर से किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं होते देख पर्यावरण प्रेमियों ने पूरे घटनाक्रम की सूचना वन्यजीव उडऩदस्ता जोधपुर व पुलिस थाना कड़वड़ को दी। इसके बाद मौका-ए-वारदात से मृत चिंकारा को बाहर निकाल कर नामजद रिपोर्ट दी गई।



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