जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में बुधवार को स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी एलएलपी कंपनी की याचिका पर सुनवाई से न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग ने खुद को अलग कर लिया। उन्होंने कोई कारण उल्लेखित किए बिना ही दो याचिकाओं को अन्य पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने को कहा। हालांकि, पिछली सुनवाई पर कंपनी के साझेदारों रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मॉरीन वाड्रा की गिरफ्तारी पर पूर्व में लगाई रोक को यथावत रखा गया था।
न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग की एकलपीठ में स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी के अलावा महेश नागर की ओर से दायर याचिकाएं प्रर्वतन निदेशालय के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध थी, लेकिन न्यायाधीश गर्ग ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। ईडी ने अपने प्रार्थना पत्र में रॉबर्ट वाड्रा की हिरासत में पूछताछ की जरूरत बताते हुए उन्हें गिरफ्तारी से दिए गए अंतरिम संरक्षण संबंधी आदेश में बदलाव करने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि प्रवर्तन निदेशालय बीकानेर के कोलायत में जमीन खरीद-फरोख्त को लेकर स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी एलएलपी कंपनी के साझेदारों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धारा 2 के तहत साक्ष्य एकत्रित करने के लिए जांच कर रहा है।
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