10 विभागों में 3 हजार शिकायतें पेंडिंग, 6 माह तक निस्तारण नहीं करने पर सख्ती

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जोधपुर. जनता को 10 विभागों से सर्वाधिक शिकायतें हैं, राजस्थान जन सम्पर्क पोर्टल पर विभागों से संबंधित शिकायतें ही ज्यादा मिलती है और समाधान की गति भी धीमी है। जिला कलक्टर इंद्रजीत ने ऐसे विभागों के अधिकारियों की बैठक ली और जीरो पेंडेंसी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई चौपाल वीसी में राजस्थान सम्पर्क की 181 हेल्प लाइन का अधिक से अधिक प्रचार करें। अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय मुकेश कुमार कलाल ने बताया कि जिले में 122 विभागों से संबंधित 6 हजार प्रकरण राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज है। उन्होंने बताया कि इनमें 10 विभागों के तीन हजार पंाच सौ प्रकरण लम्बित है।

यह है 10 विभाग व संस्थान
- जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय
- नगर निगम
- जेडीए
- जिला रसद कार्यालय
- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कार्यालय
- जोधपुर डिस्कॉम व प्रसारण निगम
- सार्वजनिक निर्माण विभाग
- जलदाय विभाग
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग

राइट टू सीएम से प्राप्त प्रकरण भी पेंडिंग
कोरोना महामारी के दौरान व्यक्तिगत जन सुनवाई नहीं किए जाने के कारण परिवादियों की सुविधा के लिए एक पृथक से ई मेल आई डी बनाई गई है। जिस पर प्राप्त होने वाले प्रकरणों को निस्तारित करने के लिए राजस्थान संपर्क पोर्टल के माध्यम से संबंधित विभाग को अग्रेषित किया जा रहा है। इन प्रकरणों का निस्तारण प्राथमिकता से किया जाना सुनिश्चित किया जाए। जेडीए की 21, सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग की 11, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की 10, जोधपुर डिस्कॅाम के 15, नगर निगम के 8, पेंशन विभाग के 8, पुलिस के 7, पीएचईडी के 7 व राजस्थान आवासन मण्डल के 7 से संबंधित प्रकरण लम्बित है।

6 माह और उससे पुराने भी प्रकरण लंबित
- जेएनवीयू के 6 माह के 52 व इससे अधिक समय के 27 प्रकरण लंबित
- नगर निगम के 6 माह के 102, पुराने 39
- जेडीए के 6 माह के 57 व पुराने 33
- राजस्थान खेल परिषद के 6 माह के 26 व पुराने 31
- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के 6 माह के 40 व 1 वर्ष के 5



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