ओम टेलर.जोधपुर
पढ़ाई के बाद खुद के दम पर कुछ करने की इच्छा के चलते तीन सहेलियों ने करीब चार वर्ष पहले डेढ़ लाख रुपए की पूंजी लगाकर कपड़े पर हैण्ड ब्लॉक प्रिंट का काम शुरू किया। काम चल निकला तो ऑर्डर देश भर से आने लगे। आज तीनों सहेलियां कपड़े पर हैण्ड ब्लॉक प्रिंटिंग करने से लेकर उस कपड़े से महिला-पुरुषों के गारमेंट बनाकर जोधपुर सहित देश भर में सेल कर सालाना लाखों रुपए कमा रही है।
हम बात कर रहे है शहर के मोहल्ला लायकान निवासी 39 वर्षीय निलोफर काजी की। जिन्होंने अपनी सहेली सारण नगर निवासी सुशीला चौधरी व मोहल्ला लायकान निवासी महजबीन के साथ मिलकर वर्ष 2017 में डेढ़ लाख रुपए निवेश कपड़े पर हैण्ड ब्लॉक प्रिंट करने, महिला-पुरुषों के कपड़ों की सिलाई करवा उसे बेचने तक का शुरू किया।
निलोफर बताती हैं कि शुरुआत में ऑर्डर कम आए। फिर महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए महिला अधिकारिता विभाग की ओर से आयोजित की जाने वाली प्रदर्शनी में इन्होंने अपने उत्पादों की स्टॉल लगाई तो उनका काम चल निकला। लोगों को इनके उत्पाद पसंद आए तो ऑर्डर भी आने लगे। आज तीनों सालाना 15 लाख रुपए के करीब कमा लेती है।
दूसरों को भी बना रही आत्मनिर्भर
कपड़ों पर हैण्ड ब्लॉक प्रिंट का कार्य करने से लेकर सलवार शुट, कुत्र्ता-पजामा, शर्ट, स्कर्ट आदि की सिलाई कार्य बढ़ा तो इन्होंने अन्य महिलाओं को भी काम सीखा इससे जोड़ा। वर्तमान में 25 से अधिक महिलाएं इनसे जुड़ कर सिलाई, हैण्ड ब्लॉक प्रिंट का कार्य कर आत्मनिर्भर बनने में सफल हुई है।
सोशल मीडिया का भी सहारा
सुशीला चौधरी ने बताया कि वर्तमान युग सोशल मीडिया का है। ऐसे में अपने तैयार प्रोडेक्ट वे सोशल मीडिया पर भी शेयर करती है। जिन्हें पसंद आते है वे ऑनलाइन ऑर्डर करते है।
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