आज से फिर चहकेंगी पाठशालाएं, लेकिन बच्चे आ सकेंगे केवल अभिभावकों का सहमति पत्र लेकर

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

ग्राउंड रिपोर्ट

जोधपुर. मार्च माह के ठीक दस महीने बाद जोधपुर में सोमवार से फिर बच्चों की चहल-पहल शुरू हो जाएगी। हालांकि सभी विद्यार्थियों को उनके अभिभावकों की सहमति के बाद ही बुलाया जा रहा है, विद्यार्थियों के आगमन को लेकर स्कूलों में साफ-सफाई व सेनिटाइजेशन आदि की तैयारियां को अंतिम रूप दे दिया गया है। दूसरी ओर महीनों बाद विद्यालय लौटने की खुशी भी विद्यार्थियों के चेहरे पर साफ झलक रही है।

शिक्षा विभाग कक्षा 9 से 12 वीं तक के बच्चों को पूर्णत कोविड गाइडलाइन के तहत ही बुलाएगा। स्कूलों में छात्रों को भी बाकायदा सोशल डिस्टेंस की पालना के साथ ही बैठाया जाएगा। जोधपुर में कुल निजी व सरकारी मिलाकर 1569 स्कूल हैं, इनमें करीब 4 लाख विद्यार्थी कक्षा 9 से 12 में अध्ययनरत हैं। निजी व सरकारी मिलाकर कुल 15 हजार शिक्षक बच्चों को अध्ययन करवाएंगे। न्यू गर्वंमेंट स्कूल प्रिंसिपल रेहाना बानो ने बताया कि वे खुद और उनका स्टाफ बच्चों के आगमन को लेकर काफी उत्साहित है। स्कूल में कक्षा कक्षों का सेनिटाइजेशन भी करवाया गया है।

सरकारी स्कूलों में 2 लाख 37 हजार 9 सौ 54 विद्यार्थी

कक्षा 9 से 12वीं तक की बात करें तो जिले के सरकारी स्कूल में 2 लाख 37 हजार 9 सौ 54 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इतने ही बच्चे निजी विद्यालयों में हैं। शिक्षा विभाग के लिए बड़ी चुनौती ये होगी कि इन बच्चों को सोशल डिस्टेंस के साथ बैठाना। हालांकि शेष छोटी कक्षाएं नहीं होने के कारण पृथक से विद्यार्थी संभवत बैठ सकेंगे।

अभिभावकों का सहमति पत्र जरूरी
शिक्षा विभाग ने प्रत्येक विद्यार्थी को स्कूल आगमन से पहले अपने अभिभावकों का सहमति पत्र लेकर बुलाया है। ऐसे में विद्यार्थी सहमति पत्र बगैर स्कूल नहीं आ सकेंगे। यदि कोई छात्र ऑनलाइन पढऩा चाहता है तो उसको भी शिक्षा विभाग ऑनलाइन स्टडी करवाएगा।

इनका कहना है...

कक्षा 9 से 12वीं के बच्चों को स्कूल बुलाया जा रहा है। ये बच्चे अभिभावकों का सहमति पत्र साथ लेकर आएंगे। किसी विद्यार्थी को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। ऐसे बच्चों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखी जाएगी।

- प्रेमचंद सांखला, संयुक्त निदेशक, स्कूल शिक्षा, जोधपुर मंडल
---

एक्सपर्ट कमैंट्स

स्टूडेंट्स अनुशासित रहकर जाएं स्कूल

स्कूल में विद्यार्थियों को विशेषकर सोशल डिस्टेंस मेंटेन रखना होगा। स्टूडेंट्स किसी प्रकार मेल-जोल नहीं करें। क्योंकि स्टूडेंट्स कोरोना के कॅरियर हो सकते है, वे दूसरों को संक्रमित कर सकते है। विद्यार्थी खेलकूद आदि को अवॉइड रखे, क्योंकि इन गतिविधियों में मेलजोल बढ़ सकता है। बच्चों को तुरंत खांसी, जुकाम व बुखार होने पर चिकि त्सालय भेजने की सलाह दी जाए। साथ ही कक्षा में मास्क लगाकर बैठना, हाथों को वॉश व सेनिटाइजेशन भी करते रहे। कुल मिलाकर अनुशासित रहकर ही अध्ययन किया जा सकता है और कोरोना से बचा जा सकता है। स्कूल में पहले दिन सकारात्मक होकर जाए।
- डॉ. नवीन किशोरिया, सीनियर प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/35PeLhV
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment