जोधपुर. भारत और फ्रांस के मध्य युद्धाभ्यास ‘स्काईरॉस का आयोजन जोधपुर में किया जा रहा है। फ्रांस से खरीदे गए लड़ाकू विमान रफाल पहली बार किसी युद्धाभ्यास में शामिल होंगे। अंबाला स्थित भारतीय वायुसेना की गोल्डन ऐरो स्क्वाड्रन के रफाल विमान रविवार को जोधपुर के आसमां पर नजर आए। रफाल विमानों ने सुखोई-30 लड़ाकू विमानों के साथ मिलकर अभ्यास किया।
भारतीय वायुसेना और फ्रांसीसी वायुसेना के मध्य स्काईरॉस युद्धाभ्यास 19 से 25 जनवरी के मध्य जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर प्रस्तावित है। इस युद्धाभ्यास में चार महीने पहले भारतीय वायुसेना में शामिल हुए 8 रफाल विमानों में से आधे के जोधपुर पहुंचने की संभावना है। रफाल जोधपुर में तैनात सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों के साथ तालमेल करते हुए अभ्यास करेंगे। फ्रांस भी इसमें अपने रफाल विमान लाएगा जो भारतीय रफाल के साथ तालमेल से विभिन्न मैनुवर दिखाने के साथ अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेंगे।
पिछले एक दशक से भारतीय और फ्रांसीसी वायुसेना के मध्य हर साल गरुड़ युद्धाभ्यास किया जाता है। स्काईरॉस विशेष युद्धाभ्यास है। इससे दोनों देशों के पायलट एक दूसरे के साथ तकनीकी समझ व युद्ध कौशल साझा कर पाएंगे। फ्रांसिसी पायलट लंबे समय से रफाल उड़ाते आए हैं। ऐसे में भारतीय वायुसेना में रफाल उड़ाने वाले पायलट को इससे काफी फायदा मिलेगा। गौरतलब है कि भारत ने फ्रांस के साथ 36 रफाल विमान खरीदने का सौदा किया है, जिसमें अब तक 8 रफाल विमान अंबाला एयरबेस पहुंच चुके हैं।
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