जोधपुर। स्वच्छता सर्वेक्षण की दौड़ शुरू हो चुकी है। पिछले सर्वेक्षण मे जनता ने अपार समर्थन किया और जोधपुर २९वे स्थान पर आया था। इस बार उस उपलब्धि को कायम रखना चुनौती है। लेकिन इसमें जनप्रतिनिधियों की अधिक से अधिक भागीदारी हो इसके लिए क्षमता संवर्धन पर काम शुरू कर दिया गया है।
स्वच्छता सर्वेक्षण २०२१ की तैयारियों को लेकर कलक्ट्रेट सभागार में नगर निगम दक्षिण महापौर, उप महापौर और पार्षदों के साथ अधिकारियों की बैठक हुई। मार्च माह में सर्वेक्षण के लिए टीम आएगी। इसमें जनता की भागीदारी जरूरी है। एेसे में जिला प्रशासन व नगर निगम ने सभी पार्षदों को भागीदारी निभाने की अपील की है। नगर निगम आयुक्त दक्षिण डॉ. अमित यादव ने योजनाबद्ध तरीके से काम शुरू की बात कही। इस दौरान नगर निगम के सामने कई चुनौतियां हैं जिनमें लोगों द्वारा कचरे को कचरे की गाड़ी में नहीं डालना, पालतू जानवरों का घूमने के लिए सडक़ों पर छोडऩा, प्रतिबंध के बावजूद पॉलिथीन का उपयोग करना और कचरे को जलाना मुख्य है। ऐसे में लोगों को जागरूक कर उन्हें स्वच्छता के महत्व को समझाना होगा। महापौर वनिता सेठ, उप महापौर किशन लड्ढा, प्रतिपक्ष नेता गणपत सिंह चौहान, अतिरिक्त उपायुक्त राकेश कुमार शर्मा, उपायुक्त आकांक्षा बैरवा व अन्य मौजूद थे। यूएमसी प्रोजेक्ट एसोसिएट नेहा सिंह ने पीपीटी के माध्यम से प्रजेंटेशन दिया।
पांच सूत्र
- पूर्ण इच्छाशक्ति के साथ अपने वार्ड को सुंदर बनाने के लिए कार्य करें।
- उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करें।
- सफाई कर्मी समय पर वार्ड में पहुंचे और अपना कार्य करें।
- डोर टू डोर कचरा संग्रहण का वाहन प्रत्येक घर तक पहुंचे।
- स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 को लेकर जागरूकता कार्यक्रम करें, शहर को सुंदर बनाने में बाधक हो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
लगेगा जुर्माना
बैठक में तय किया गया कि ठोस कचरा प्रबंधन के तहत सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर 200 रुपए, सडक़ पर गोबर फैलाने पर 100 रुपए, गली में कचरा फैलाने पर 200 रुपए जुर्माना लेगा। डस्टबिन में कचरा नहीं डालने पर 1000 रुपए, सरकारी भूमि पर मलबा डालने पर 500 रुपए, पॉलिथीन का उपयोग करने पर 100 रुपए प्रतिदिन एवं सीवरेज कनेक्शन नहीं होने पर 5000 का जुर्माना लगेगा।
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